गोवर्धन पर्वत उठाकर इंद्र के घमंड को चकनाचूर किया:रामस्वरूप शास्त्री

Apr 12 2025

ग्वालियर। विवेक विहार कॉलोनी में आयोजित सात दिवसीय भागवत महापुराण कथा में छठवें दिन भागवताचार्य पंडित रामस्वरूप शास्त्री ने आज की कथा के दौरान बताया कि हमारे सनातन धर्म और परंपराओं में शुद्धता का विशेष महत्व है, जहां अन्न को ईश्वर का प्रसाद मानकर बनाया जाता है। इसलिए, यह आवश्यक है कि रसोई में प्रवेश करने से पहले हम पूर्ण रूप से शुद्ध हों। उन्होंने बताया की श्रीकृष्ण बचपन से ही गायों के प्रति विशेष प्रेम रखते थे उन्होंने गो पालक के रूप में गौ सेवा कर एक महत्वपूर्ण संदेश दिया। भगवान श्री कृष्ण ने अपनी छोटी उंगली पर गिर्राज पर्वत उठा लिया और सभी गोकुल वासियों को उसके नीचे आश्रय दिया।
7 दिन तक लगातार वर्षा होती रही लेकिन श्रीकृष्ण अचल भाव से पर्वत उठाएं खड़े रहे अंतत: इंद्र को अपनी भूल का एहसास हुआ और उन्होंने श्री कृष्ण के चरणों में आकर क्षमा मांगी इस प्रकार भगवान ने इंद्र के अहंकार का नाश किया।
आज की कथा में परीक्षित गीता हरिश्चंद्र भटेले राधा आदित्य महेश चंद सुभाष चंद्र दिनेश चंद आदेश शर्मा स्वामी साथ्या कुमार गोविंद प्रसाद शर्मा भजन शंकर शर्मा पंडित मुकुंद भारद्वाज सुरेश शुक्ला अविनाश प्रयाग नारायण प्रवीण सोमदेव भारद्वाज राजन दुबे सहित अनेक लोगों ने श्री भागवत महापुराण की आरती की आरती के उपरांत प्रसादी वितरण किया गया।