हॉस्टल में मेडिकल छात्रा का शव फंदे पर लटका मिला,सुसाइड नोट नहीं मिला, मोबाइल जब्त
Mar 30 2025
ग्वालियर। गजराराजा मेडिकल कॉलेज के जमुना हॉस्टल में गत रात मेडिकल छात्रा ने फांसी लगाकर आत्महत्या कर ली। मृतका जयारोग्य अस्पताल (जेएएच) के न्यूरोलॉजी विभाग से डीएम (डॉक्टरेट ऑफ मेडिसिन) की पढ़ाई कर रही थी। इससे पहले वह एमडी कर चुकी थी। घटना की सूचना पर पुलिस और फोरेंसिक टीम मौके पर पहुंची। शुरुआती जांच के बाद शव को मॉर्च्युरी में रखवा दिया गया था। डॉ. रेखा रघुवंशी उम्र 31 अशोकनगर की रहने वाली थी।
हॉस्टल की अन्य छात्राओं के मुताबिक गत रात में डॉ. रेखा ने खाना खाया, फिर स्टडी करने के बाद सोने चली गई। देर रात करीब 12 बजे जब क्लास मेट रूम में पहुंची तो देखा कि रेखा रेलिंग से बंधे फंदे पर लटकी हुई थीं। उसने देखा कि रेखा की मौत हो चुकी है। छात्रा ने फौरन हॉस्टल वॉर्डन को इसकी सूचना दी। खबर मिलते ही हॉस्टल प्रशासन और मेडिकल कॉलेज के डीन डॉ. आरकेएस धाकड़ मौके पर पहुंचे।
डॉ. रेखा के भाई रोहित ने बताया कि शुक्रवार को उससे बातचीत हुई थी, लेकिन उसने किसी परेशानी का जिक्र नहीं किया था। रविवार सुबह पिता और भाई ग्वालियर पहुंचे, जहां बेटी का शव देखकर वे रो पड़े।
डॉ रेखा के पिता भानुप्रताप सिंह ने हत्या की आशंका जताई है। उन्होंने बताया कि उनकी बेटी की सगाई पहले ही हो चुकी थी और फरवरी 2026 में शादी होने वाली थी। यह रिश्ता युवती और परिवार की सहमति से तय हुआ था। पिता का कहना है कि रेखा के कमरे के पास ही एक लडक़ी नंदिता रहती थी, जो अब लापता है।
पुलिस ने घटनास्थल की बारीकी से जांच की, लेकिन कोई सुसाइड नोट नहीं मिला। मृतका का मोबाइल जब्त कर लिया गया है, जिससे जांच में मदद मिलने की उम्मीद है।
डॉक्टरों के पैनल ने किया पोस्टमॉर्टम
महिला डॉक्टर की मौत के स्पष्ट कारणों का पता लगाने के लिए पोस्टमॉर्टम डॉक्टरों के एक पैनल से कराया गया। पुलिस आसपास के लोगों और क्लास मेट्स से भी पूछताछ कर रही है, लेकिन अब तक आत्महत्या के पीछे की वजह स्पष्ट नहीं हो सकी है।
कंपू थाना पुलिस के मुताबिक डॉ. रेखा के आत्महत्या के कारणों की जांच जारी है। परिजन से बातचीत के बाद ही आगे की स्थिति स्पष्ट हो सकेगी।
संपादक
Rajesh Jaiswal
9425401405
rajeshgwl9@gmail.com
MP Info News
Invalid RSS feed URL.
ब्रेकिंग न्यूज़
विज़िटर संख्या
अन्य ख़बरें
-
-
-
*हेमू कालानी जन्मोत्सव मिष्ठान वितरण कर बनाया* *
—03/23/2019 -









