सोनागिर मेले में निकाली जैन मंदिरो से रथयात्रा

Mar 16 2025

ग्वालियर। होली खेले मुनिराज अकेले वन में.......डोली ले चल सोनागिर की पहाडी पर दर्शनों को...होली पर लगा देखो सोनागिर मे मेला... जैसे बैड की धुन पर भजनो पर पुरूष और महिलाएं जमकार भक्ति नृत्य रथयात्रा में करते हुए चल रहे थे। रथयात्रा में सभी श्रद्धालुओं भक्त नृत्य करते  हुए चल रहे थे। सोनागिर बार्षिक मेला के दूसरे दिन भगवान की रथयात्रा अलग अलग मंदिरो से निकाली गई। इस मौके पर सोनागिर कमेटी महामंत्री बालचंद्र जैन, मौजूद थे।
जैन समाज के प्रवक्ता सचिन जैन ने बताया कि मेले में प्रतिदिन जिनालयों से रथयात्रा निकाली गई। मेले में रथयात्रा बीस पंथी कोठी, तेरहपंथी मदिर, भाट्टरका वरैया कोठी मदिर, खरोआ जैन मंदिर की रथयात्राएं निकाली गई। रथयात्रा अपने अपने मंदिरों से गाजेबाजे के साथ शुरू होकर नगर भ्रमण कर  अलग अलग स्थानों  पर पहुची। समाज के विद्वानों पंडित ने  मंत्रउच्चारणो के साथ भगवान पार्श्वनाथ आदिनाथ और महावीर स्वामी का कलशों से अभिषेक जैन समाज के लोगो ने जयकारो के साथ किए। रथयात्रा वापस अपने अपने मंदिरों मे पहुॅचकर संपन्न हुई। 
जैन समाज के प्रवक्ता सचिन आदर्श कलम ने बताया कि सोनागिर सिद्धक्षेत्र पर बार्षिक मेले में देश के विभिन्न हिस्सों से पहुंचने वाले श्रद्धालुओ ने सुबह सोनागिर पहाडी़ पर 77 जिनालयों के मंदिरो के साथ पहाडी पर प्रमुख मंदिर 57 वें मंदिर में मुख्य भगवान चंद्र प्रभु की 17 फीट ऊंची प्रतिमा के देवदर्षन, वंदना, ध्यान, पूजन और आत्म चिंतन जाप की। इसके अलाव सांयकाल 77 मदिंरो की परिक्राम, एवं रात्रि में पर्वतराज विराजमान भगवान चंद्राप्रभु की संगीतमय भक्ति नृत्य के साथ भव्य आरती व दीपदान किया।