पति ने पत्नी की हत्याकर एक्सीडेंट दिखाया, आरोपी पकड़ा

Mar 16 2025

ग्वालियर। एक युवक ने अपनी पत्नी की हत्या कर दी। इस मर्डर को एक्सीडेंट दिखाने के लिए उसने रोड पर लाश फेंक दी। मामला कंपू इलाके का है। घटना 12 फरवरी 2025 की है। पुलिस भी हादसा मान रही थी। पोस्टमॉर्टम और फोरेंसिक रिपोर्ट आने के बाद मर्डर का खुलासा हुआ।
पुलिस ने महिला के पति प्रदीप गुर्जर, ससुर रामवीर गुर्जर, चचेरा देवर बनवारी उर्फ मिश्री, सोनू गुर्जर पर हत्या व हत्या का षड्यंत्र करने का मामला दर्ज किया है। पुलिस ने आरोपी पति को पकड़ लिया है। पुलिस आरोपी को लेकर घटनास्थल पर पहुंची,और यह पता लगाने का प्रयास किया कि सडक़ हादसे का यह नाटक किस तरह रचा था।
पुलिस पूछताछ में आरोपी पति ने बताया कि कुछ समय पहले एक क्राइम सीरियल में देखा था कि किस तरह हत्या को आरोपी सडक़ हादसे में बदलकर कई सालों तक पुलिस से बचते रहे थे। उसका सोचना था कि सडक़ हादसा दिखाऊंगा तो मायके वाले भी विरोध नहीं करेंगे और कोई कुछ समझ भी नहीं पाएगा।
सीएसपी रोबिन जैन ने बताया कि 12 फरवरी की रात 11.30 बजे पूजा की ग्वालियर से नौगांव लौटते समय शीतला रोड पर सडक़ हादसे में मौत की सूचना मिली थी। हादसे के समय उसके साथ उसका पति प्रदीप गुर्जर भी था, जिसे मामूली चोट आई थी। प्रारंभिक पड़ताल में पुलिस इसे सडक़ हादसा मानकर जांच कर रही थी, लेकिन कुछ बातें पुलिस को समझ नहीं आ रही थीं। जांच को आगे बढ़ाया तो प्रदीप गुर्जर की सुनाई कहानी और घटनास्थल पर मिले साक्ष्य मेल नहीं खा रहे थे। इधर, मायके पक्ष ने प्रदीप पर 5 लाख रुपए के लिए प्रताडि़त करने का आरोप लगाया था। इसी आधार पर पुलिस जांच कर रही थी। अब जाकर पुलिस ने मामले का खुलासा किया है।
पुलिस ने एक बार घटनास्थल का निरीक्षण करने के बाद वापस मौके का मुआयना किया। हादसे की शिकार बाइक की जांच की तो पता चला कि उस पर जो डैमेज के निशान हैं, वह सडक़ दुर्घटना के नहीं हैं। घटनास्थल पर एक बूंद खून की नहीं मिली है। न ही किसी भी वाहन के स्किड मार्क मिले। प्रदीप ने किस वाहन से और कैसे हादसा हुआ, इसकी जानकारी भी नहीं दी। इन पॉइंट ने पुलिस की जांच को सडक़ हादसे से हत्या की ओर तब्दील कर दिया।
जब पुलिस को पोस्टमार्टम रिपोर्ट मिली तो कई नए पहलू उजागर हुए। रिपोर्ट में स्पष्ट बताया गया कि पूजा की मौत सडक़ हादसे में लगी चोटों के कारण नहीं हुई थी। बल्कि, सिर और पेट पर किसी भारी, लेकिन बिना नुकीली वस्तु से किए गए प्रहार के कारण हुई। पोस्टमार्टम रिपोर्ट में स्पष्ट रूप से बताया कि यह सडक़ हादसे की मौत नहीं है। मौत से पहले उससे मारपीट की गई थी और आरोपियों से बचने के लिए उसने संघर्ष किया था।
जब पुलिस ने पूजा के पति प्रदीप गुर्जर को पकड़ कर पूछताछ की तो उसने पूजा को बेरहमी से पीटने की बात कबूल की। पिटाई से पूजी की मौत हो गई, इससे वह घबरा गया था कि अब क्या करे। उसने कुछ समय पहले एक क्राइम सीरियल में देखा था कि किस तरह हत्या को सडक़ हादसे में बदलकर कई सालों तक पुलिस से बचते रहे थे। उसका सोचना था कि सडक़ हादसा दिखाऊंगा तो मायके वाले भी विरोध नहीं करेंगे और कोई कुछ समझ भी नहीं पाएगा।
पूछताछ में प्रदीप ने पुलिस को बताया कि उसने हत्या को छुपाने एक्सीडेंट का ड्रामा तो तैयार कर लिया, लेकिन उसे एक ऐसे सुनसान रास्ते की तलाश थी, जहां सीसीटीवी कैमरे न लगे हों। साथ ही कोई आता जाता नहीं हो। इसके लिए उसने ग्वालियर शहर और नौगांव के बीच शीतला माता मंदिर रोड को चुना। यहीं उसने पूरे ड्रामा को अंजाम दिया।
पुलिस ने पूजा के मायके पक्ष से पूछताछ की तो पता चला कि पति प्रदीप गुर्जर, उसके ससुर रामवीर गुर्जर और चचेरा भाई बनवारी उर्फ मिश्री और सोनू गुर्जर उसे दहेज में पांच लाख रुपए मांग रहे थे। रुपए की मांग पूरी नहीं होने पर प्रताडि़त करते थे। संभवत: उन्होंने उसकी हत्या कर घटना को हादसे का रूप दिया है। जांच में मिले साक्ष्य और परिजन के आरोप के बाद पुलिस ने जांच की तो हादसे में पेंच नजर आया और खुलासा हो गया।