उपाध्यायश्री ने चर्तुमुखी जिनबिम्ब प्रतिमाओं का मंत्रो से कराया महामस्तिकाभिषेक

Mar 10 2025

ग्वालियर। शहर से 15  किलोमीटर ग्रामीण कुलैथ स्थित श्री शांतिनाथ दिगंबर जैन मंदिर अतिशय में प्राचीन जिनबिंब प्रतिमाओं के महामस्तकाभिषेक देखने के लिए जैन धर्मालंबियों का सैलाब उमड़ पड़ा। महोत्सव के दौरान मेडिटेशन गुरु उपाध्यायश्री विहसंत सागर महाराज और मुनिश्री विश्वसौम्या सागर महाराज के सानिध्य में कुलैथ सांक नदी से प्राप्त अतिश्यकारी प्राचीन विशाल पुरानी चर्तुमुखी तीन जिन बिम्ब प्रतिमाओ का महामस्तकाभिषेक जयकारों के साथ किया। वही जैन समाज के लोगो ने भक्तामर विधान भी किया गया। शाम को उपाध्यायश्री ने कुलैथ से शिवपुरी की ओर विहार किया।
जैन समाज के प्रवक्ता सचिन जैन ने बताया कि प्राचीन जिनमबिंब चर्तुमुखी प्रतिमाओं का महामस्तकाभिषेक में इंद्राओं ने केसरिया रंग के वस्त्रो को पहनकर  विधानचार्य सुगनजैन ने मंत्रोच्चार के साथ प्रथम कलश सतीश चंद जैन, दूसरा कलश पदमचंद कुमार जैन और तीसरा कलश दिनेश अशोक जैन सहित इंद्रो ने जयकारों के प्राचीन जिनबिंब चर्तुमुखी प्रतिमाओं का संगीतमय भजनों पर भक्ति नृत्य के साथ जलधार से महामस्तकाभिषेक किया। जैसे ही प्रथम महामस्तकाभिषेक हुआ तो जयकारों से सभागार गूंज उठा। उपाध्यायश्री विहसंत सागर महाराज में अपने मुख्यबिन्द मंत्रो से  बृहद शांतिधारा दिनेश जैन अशोक जैन ऐसाह वाले मुरार, दूसरी राजीव जैन रायरू ओर सतीश चंद्र प्रशांत जैन ने अर्पित की। 
मुख्य अतिथि संयुक्त कलेक्टर संजीव जैन थे। कार्यक्रम की अध्यक्षता नरेंद्र जैन नीरू राष्ट्र महामंत्री (दिगंबर वरैया महासभा) ने की ओर दीपू यादव सरपंच मौजूद थे। वही उपाध्याय श्री विहसंत सागर महाराज को नवीन पिच्छिका रामजीलाल जैन नरेंद्र जैन नीरू डबरा ने भेट की।