लेगेसी प्लाजा ब्लास्ट; 3 घंटे में शूट कराए 23 वीडियो

Mar 08 2025

ग्वालियर। द लेगेसी प्लाजा के एल-1 फ्लैट में ब्लास्ट की कहानी में रील बनाने की बात सामने आने के बाद पुलिस को आरोपियों के मोबाइल से कुछ और नई बातें पता चली हैं। झुलसकर घायल हुई रंजना राणा के मोबाइल से पुलिस को 23 वीडियो मिले हैं। जिनमें 17 वीडियो 30 से 40 सेकेंड के हैं, जबकि 6 वीडियो 15 से 20 सेकेंड के बनाए गए हैं। रात 11 बजे से 2 बजे के बीच तीन घंटे में यह 23 वीडियो शूट किए गए हैं। इन वीडियो में धुआं और बादल दिखाने के लिए तीन घंटे में 7 किलो एलपीजी(लिक्विड पेट्रोलियम गैस) सिलेंडर से निकाली गई थी।
फ्लैट के सभी खिडक़ी-दरवाजे बंद कर रखे थे, जिससे किसी को कुछ पता नहीं चल सके। जिस कारण 7 किलो गैस से वैक्यूम क्रिएट हो गया। जैसे ही लाइट ऑन की यह खतरनाक ब्लास्ट हो गया। एलपीजी सिलेंडर से धीरे-धीरे गैस लीक करने का तरीका अनिल ने इंटरनेट से सीखा था। जिसका इस्तेमाल वह तीन से चार बार पहले कर चुका था, लेकिन वहां खुले आवास होने पर ऐसा हादसा नहीं हुआ था।
पुलिस ने जब पड़ताल की तो द लेगेसी प्लाजा से पुलिस को कुछ नए सीसीटीवी फुटेज मिले हैं। एक फुटेज में रंजना और अनिल जाते दिख रहे हैं। अनिल के कंधे पर सिलेंडर है। जिसमें साफ दिख रहा है कि सातवें माले से वह सिलेंडर कंधे पर रखकर उतर रहा है। इसके बाद एक फुटेज और सामने आया है। जिसमें ब्लास्ट के बाद रंजना आधी जली हुई आधे अधूरे कपड़े के साथ बाहर निकली है। उसे उसका बेटा ऊपर सातवें माले तक ले गया है। जहां से वापस नीचे लाया है और एम्बुलेंस में बैठाकर अस्पताल पहुंचाया है।
धुएं के बीच वीडियो शूट करने उड़ा रहे थे गैस
घायल अनिल ने पुलिस को बताया कि रंजना को एक ऐसा वीडियो शूट कराना था जिसमें वह धुएं के बीच से निकल रही हो। हल्के बादल नजर आ रहे हों। कुछ समय पहले गैस लीक कर अनिल ने यह वीडियो कहीं शूट किया था। उसने ही यह आइडिया रंजना को दिया था। जिसके बाद उन्होंने तय किया कि रात को सभी के सो जाने के बाद वह इस तरह से वीडियो शूट कर लेंगे। पर यह नहीं जानते थे कि परफेक्ट वीडियो बनाने के चक्कर में इतनी गैस उड़ा देंगे।
ऐसा पता लगा है कि अनिल राणा ने भिंड के मालनपुर में कुछ समय पहले ऐसे ही गैस लीक करने का वीडियो शूट किया था। उस समय भी आग लगते-लगते रह गई थी। पूछताछ में अनिल ने पुलिस को यह भी बताया है कि उसने यह गैस लीक कर अंधेरे में धुआं दिखाने का आइडिया इंटरनेट पर सर्च कर सीखा था। जिसे वह तीन से चार बार यूज कर चुका था। पर मल्टी व फ्लैट में पहली बार किया था।
बतादें कि ग्वालियर के गोला का मंदिर स्थित द लेगेसी प्लाजा के एल-1 फ्लैट में चार-पांच मार्च की दरमियानी रात 2.15 बजे अचानक तेज ब्लास्ट हुआ। जिसमें एल-2 व एल-3 फ्लैट की दीवारें टूटकर गिर गई। एल-1 फ्लैट की मालकिन रंजना राणा और उनका साथी अनिल राणा झुलसी अवस्था में बाहर की तरफ भागते हुए नजर आते हैं। दोनों गंभीर रूप से झुलसे हुए थे। इस हादसे में लेगेसी प्लाजा के करीब 50 से ज्यादा फ्लैट के कांच धमाके की आवाज से टूटे थे। पड़ोसियों के गेट उखडक़र दूर जा गिरे थे। कुछ देर के लिए लगा था जैसे भूकम्प आ गया हो। जान बचाने के लिए लोग मल्टी छोडक़र बाहर की तरफ भागे थे।