आज पूरी दुनिया महिला दिवस मना रही है सभी मातृत्व शक्ति को नमन करता हूँ

Mar 08 2025

नारी शक्ति का प्रतीक है, जो समाज को संवारने और आगे बढ़ाने की क्षमता रखती है। नारी सशक्तिकरण केवल एक विचार नहीं, बल्कि एक क्रांति है, जो समाज में महिलाओं को समानता, स्वतंत्रता और आत्मनिर्भरता प्रदान करने के लिए जरूरी है। एक महिला जब आत्मनिर्भर बनती है, तो वह न केवल अपना जीवन बदलती है, बल्कि पूरे समाज को एक नई दिशा देने का कार्य करती है। यही कारण है कि विश्वभर में नारी सशक्तिकरण को बढ़ावा दिया जा रहा है, ताकि महिलाएं अपनी पहचान खुद बना सकें और समाज में किसी भी क्षेत्र में पीछे न रहें। आज के दौर में महिलाएं हर क्षेत्र में- चाहे वह विज्ञान हो, राजनीति हो, खेल हो या फिर व्यापार। लेकिन यह सफर आसान नहीं था। आज महिलाएं अपने अधिकारों के प्रति जागरूक होकर हर चुनौती का पूरे साहस के साथ सामना कर रही हैं नारी सम्मान्नीय है पूज्नीय है समाज में नारी सशक्तिकरण को बढ़ावा देने के लिए हमे आंगे आना चाहिए।। 
 यदि ईश्वर की सर्वस्रेष्ठ रचना है तो वह नारी है नारी के कई रूप विराजते है, जब माँ के रूप मे होती है वह सब की पालन हार होती है, एक बहन के रुप , एक बेटी के रूप मे और एक पत्नी के रूप मे सभी धर्म अपने कर्तव्य के हिसाब से निभाती है, जिस परिवार मे नारी का सम्मान होता है वहा देवता का निवास होता है 
नारी केवल शक्ति ही नहीं, स्नेह और सहनशीलता की मूर्ति भी हैजब एक महिला आगे बढ़ती है, तो परिवार, समाज और देश प्रगति करता है"नारी ही संसार की जननी है, उसके बिना सृष्टि अधूरी है सशक्त नारी ही सशक्त समाज की पहचान है, एक नारी पनी कोख से एक बच्चे को नया जन्म देती है वह अपने ममत्व मे अपना सारा दु:ख भूल जाती है, साथ ही यदि दुनिया का श्रेष्ठ प्रबंधन सीखना है तो एक माँ के रूप मे एक नारी से।। 
अंत मे यही कहूंगा
हजारों फूल चाहिए एक माला बनाने के लिए, 
हजारों दीपक चाहिए एक आरती सजाने के लिए,
हजारों बूंद चाहिए समुद्र बनाने के लिए,पर एक स्त्री अकेली ही काफी है, घर को स्वर्ग बनाने के लिए।
अशोक गर्ग ग्वालियर