एक राष्ट्र-एक चुनाव एक प्रगतिशील सोच:रोहित आर्य

Mar 05 2025

ग्वालियर। शासकीय केन्द्रीय पुस्तकालय के मुख्य हॉल में शासकीय केन्द्रीय पुस्तकालय और गुरुकुल ड्रीम फौउंडेशन के संयुक्त तत्वाधान में एक राष्ट्र एक चुनाव से लोकहित में होने वाले बहुआयामी सकारात्मक परिणाम के परिपेक्ष में कार्यक्रम आयोजित किया गया।
जिसमें मुख्य वक्ता रोहित आर्य (पूर्व न्यायाधीश मप्र उच्च न्यायालय, प्रदेश संयोजक एक राष्ट्र एक चुनाव समिति) ने कहा एक राष्ट्र-एक चुनाव एक प्रगतिशील सोच है। अपने प्रयासों के तहत हम एक राष्ट्र एक चुनाव पर काम कर रहे है जो भारत के लोकतंत्र को मजबूत करेगा संसाधनों का अधिकतम उपयोग करेगा और विकसित भारत को नये प्रगति और देशहित की ओर ले जायेगा। अगर आज के परिवेश में यदि एक राष्ट्र-एक चुनाव को नहीं अपनाया गया तो आने वाले युग में जो हमारी युवा पीढ़ी के लोग है उन पर बहुत बुरा प्रभाव पड़ेगा और समाज बहुत पीछे की ओर खिसकता जायेगा। देश में अलग अलग चुनाव होने से जो पैसा लगता है यह सीधा हमारी और तुम्हारी जेब से जाता है।
विशिष्ट अतिथि डॉ. नितेश शर्मा (सदस्य, एक राष्ट्र एक चुनाव समिति) ने एक राष्ट्र-एक चुनाव के बारे में बताते हुये कहा कि देशभर में पांच साल तक लगातार चुनाव होने से देश की प्रगति में बाधायें आती है, देश में पूरे साल लगभग आचार संहिता लगी रहती है जिससे देशहित में काम हो नहीं पाते साथ ही लगातार चुनावों से जो धनहानि होती है यह धनराशि भी शिक्षा एवं चिकित्सा के क्षेत्र में उपयोग हो सकती है। डॉ. शर्मा ने शासकीय केन्द्रीय पुस्तकालय के बारे में कहा कि जब देश में एक राष्ट्र-एक चुनाव लागू होगा तब पुस्तकालय का यह ऐतहासिक भवन भी इसका साक्षी बनेगा कि यहीं एक राष्ट्र-एक चुनाव लागू करने के लिये सभा आयोजित की गई। कार्यक्रम का संयोजन एड. आदित्य सिंह राजावत एवं सत्यम गर्ग द्वारा किया गया।
इस अवसर पर राकेश कुमार शर्मा, विवेक कुमार सोनी (पुस्तकालय प्रबंधक शासकीय केन्द्रीय पुस्तकालय), आकाश बरुआ (संस्थापक, गुरुकुल ड्रीग फॉउंडेशन), पूजा शाहू, शियम शर्मा, लक्ष्मी यादव, आकाश पाल एवं पुस्तकालय में अध्ययनरत छात्र छात्राए आदि उपस्थित थे।
कार्यक्रम के समापन पर विवेक सोनी द्वारा अतिथिगण एवं कार्यक्रम में उपस्थित पुस्तकालय में अध्ययनरत छात्र-छात्राओं का आभार व्यक्त किया, एवं राष्ट्रगान के साथ ही कार्यक्रम का समापन किया गया।