मस्जिदों से अजान सुन खोला रोजा
Mar 03 2025
ग्वालियर। रमजान का महीना इतवार से शुरू हो गया है। सुबह उठकर सभी ने सेहरी कर फजर की नमाज अदा की और घरों में कुरआन की तिलावत के साथ इबादत में मशगूल रहे और शाम को दुआ मांग कर रोजा खोला।
शहर काजी अब्दुल अजीज कादरी ने बताया कि रोजा सिर्फ पेट खाली रखने की बात नहीं करता, बल्कि यह मन और आत्मा की सफाई भी सिखाता है। इसका मतलब है कि झूठ, धोखा, बेईमानी, नफरत और किसी का दिल दुखाने जैसी हरकतों से भी परहेज किया जाए। क्योंकि अगर आपने पूरे दिन कुछ नहीं खाया, लेकिन किसी का दिल दुखाया, गुस्सा किया या गुनाहों से खुद को दूर नहीं रखा तो ऐसा रोजा अल्लाह को पसंद नहीं। इसलिए असली रोजा तब पूरा होता है जब इंसान अपनी सोच, अपनी नीयत और अपने कामों को भी पाक साफ रखे, जकात इसी महीने में अदा की जाती है। रोजा तमाम गलत कामों से बचने की प्रेरणा देता है। उल्लेखनीय है कि रमजान माह में रोजाना सूर्य उगने से पहले खाना खाया जाता है। इसे सहरी नाम से जाना जाता है। सहरी करने का समय पहले से ही निर्धारित कर दिया जाता है।
संपादक
Rajesh Jaiswal
9425401405
rajeshgwl9@gmail.com
MP Info News
Invalid RSS feed URL.
ब्रेकिंग न्यूज़
विज़िटर संख्या
अन्य ख़बरें
-
-
-
*हेमू कालानी जन्मोत्सव मिष्ठान वितरण कर बनाया* *
—03/23/2019 -









