सुबह आसमान में बादल छाने से हुई बूंदाबांदी

Feb 18 2025

ग्वालियर। फरवरी माह में 32 डिग्री को पार चुके तापमान से चिंता में आए किसानों को मंगलवार सुबह आसमान में बादल दिखे तो वे ईश्वर से यही प्रार्थना कर रहे हैं कि भगवान थोड़ा तो बरसा दो।
हालांकि 10.30 बजे करीब हल्की बूंदाबांदी शुरु हो गई, लेकिन किसानों को अपनी फसलों के लिए एक अच्छी मावठ की जरुरत है। जो फसलों को जीवन दे सके। हालांकि मौसम विभाग का कहना है कि वर्तमान में सक्रिय पश्चिमी विक्षोभइतना प्रभावी नहीं है कि जो अंचल के किसानों की उम्मीदों को पूरा कर सके।
आसमान में छाए बादलों से दिन के तापमान पर जरुर हल्का ब्रेक लग गया है। मंगलवार को कुछ देर के लिए निकली धूप भी बदमासी रही। इसके बाद फिर बादल छाये और हल्की बारिश होने लगी।
फरवरी माह का बसंती मौसम सबसे खुशनुमा मौसम माना जाता है। इस माह में न तो ज्यादा सर्दी होती है और न ही गर्मी होती है, लेकिन इस दौरान लगातार पश्चिमी विक्षोभ तो आ रहे हैं, लेकिन ये इतने कमजोर रहे कि अंचल तक बारिश नहीं लग पाए। किसान मावठ की बांट ही जोहते रहे, पूरे सीजन में केवल 2.6 मिलीमीटर ही बारिश हुई जो कि बहुत ही कम थी।
 राजस्थान में सक्रिय प्रेरित परिसंचरण के चलते एवं पश्चिमी विक्षोभके कारण मंगलवार सुबह से ही बादलों ने शहर में डेरा डाल दिया था। ये बादल कभी घने हो रहे थे तो कभी छंट जाते थे। बादलों के आने से मौसम में एकदम बदलाव सा आ गया है। मंगलवार सुबह से ही उत्तर-पूर्वी हवाएं भी 13 किलोमीटर प्रतिघंटे की रफ्तार से चल रही है, जो मौसम में हल्की ठण्डक घोल रही थी। 
स्थानीय मौसम विज्ञानी के अनुसार जम्मू-कश्मीर में सक्रिय पश्चिमी विक्षोभऔर पश्चिमी राजस्थान में सक्रिय प्रेरित परिसंचरण के चलते जहां पहाड़ों पर बर्फबारी का नया दौर शुरु हो गया है। इस कारण पूर्वी राजस्थान और पश्चिमी उत्तरप्रदेश में आज और कल हल्की बूंदाबांदी और हल्की बारिश की संभावना है। वहीं इस कारण अंचल में बादल सक्रिय रहेंगे। अंचल में बुधवार को भी बूंदा-बांदी या हल्की बारिश हो सकती है। पश्चिमी विक्षोभके बाद हवाएं बदलेंगी फिर एक बार न्यूनतम तापमान में हल्की कमी आएगी, लेकिन अब ज्यादा तापमान कम होने की संभावना नहीं है।