बिलासखानी तोड़ी में बंदिश, राग यमन में सुनाया तराना

Feb 16 2025

ग्वालियर। स्वर संस्कार और रागायन के त्रिदिवसीय संगीत समारोह में प्रथम दिन सुबह की सभा का शुभारंभस्वामी रामसेवक दास महाराज (पूरन बैराठी पीठाधीश्वर) एवं वरिष्ठ संगीतज्ञ पंडित सुधाकर देवले, पंडित विनोद दिग्रजकर और स्वर संस्कार के गुरु पंडित संजय देवले ने मां सरस्वती व दत्तात्रेय भगवान का पूजन किया। इसके बाद कोल्हापुर से आए पंडित विनोद दिग्रजकर ने कार्यशाला में मूर्धन्य गायक पंडित जितेन्द्र अभिषेकी द्वारा रचित विभिन्न बंदिशों को सिखाया। अंत में राग रागेश्री प्रसिद्ध बंदिश तीन ताल में निबद्ध थी। ऑनलाइन और ऑफलाइन लगभग 300 देश-विदेश के प्रतिभागियों ने इस कार्यशाला में शामिल होकर इन विशिष्ट बंदिशों को सिखाया।