शहर के 20 फीसदी लोगों को सीपीआर देने में प्रशिक्षित होना चाहिए:डॉ. जमाल

Feb 15 2025

ग्वालियर। कार्डियोपल्मोनरी रिससिटेशन (सीपीआर) एक आपातकालीन प्रक्रिया है, जो किसी व्यक्ति के दिल की धडक़न या सांस लेने के दौरान की जाती है। सीपीआर का मुख्य उद्देश्य मस्तिष्क और अन्य महत्वपूर्ण अंगों तक ऑक्सीजन पहुँचाना है। शहर की जनसंख्या यदि 25 लाख है, तब शहर के 20 फीसदी लोगों को अवश्य ही सीपीआर देने की प्रक्रिया से प्रशिक्षित होना चाहिए। आपने कहाकि यदि आपको हृदयघात जैसी बीमारी से बचना है, तब आपको गुटखा, धूम्रपान व शराब से बचना चाहिए तथा आपको अपना वजन को संतुलित रखना चाहिए।
चेंबर के सदस्यों को इस जीवन रक्षक महत्वपूर्ण विषय की बारीकियों से रूबरू कराने के उद्देश्य से चेंबर में आयोजित एक ट्रेनिंग कार्यक्रम एवं सेमीनार में हृदय रोग विशेषज्ञ डॉ. जमाल युसुफ द्वारा सीपीआर ट्रेनिंग एवं अपने हृदय, फेफड़े व मस्तिष्क को किस प्रकार से स्वस्थ रखे, जानकारी देते हुए यह बात कही। डॉ. युसुफ ने कहाकि सीपीआर हाथों से व मुंह से की जाती है। हाथों से सीपीआर तब किया जाता है, जब व्यक्ति सांस नहीं ले रहा हा या उसको सांस लेने में परेशानी हो रही हो। इसमें छाती पर दबाव डाला जाता है, ताकि रक्त संचार को बनाए रखा जा सके। मुंह से मुंह में सीपीआर तब किया जाता है, जब व्यक्ति की सांस रुक गई हो। इसमें व्यक्ति के मुंह में हवा भरकर उसके फेफड़ों को फुलाया जाता है।