महंत परिवार ने दहेज में केवल तुलसी का पौधा लेकर पेश की अनूठी मिसाल

Feb 14 2025

ग्वालियर। जब समाज में दहेज प्रथा ने एक विकराल रूप ले लिया है, तब डबरा के महंत परिवार ने एक मिसाल पेश करते हुए अपने घर की शादी को दहेजमुक्त बनाया। श्री बालाजी मंदिर, डबरा के महंत विकास रायजादा (सोनू महाराज) के छोटे भाई अरुण रायजादा के विवाह में वधू पक्ष से कोई दहेज नहीं लिया गया। इस शुभ अवसर पर उन्होंने केवल तुलसी का पौधा स्वीकार किया, जो विवाह को पवित्रता और संस्कारों की नींव पर टिकाए रखने का प्रतीक बना।
जब समाज में विवाह के नाम पर धन और भौतिक उपहारों की होड़ मची हुई है, तब रायजादा परिवार यह दिखाया कि विवाह धन-दौलत ने से नहीं, बल्कि संस्कारों से संपन्न होना चाहिए। तुलसी केवल एक पौधा नहीं, बल्कि भारतीय संस्कृति में इसे जीवन, समर्पण और शुद्धता का प्रतीक माना जाता है।
हर समाज के लोगों को यह समझना होगा कि विवाह पैसों का लेन-देन नहीं, बल्कि आत्मीयता और परंपराओं का संगम होता है। रायजादा परिवार की यह पहल उन लोगों के लिए प्रेरणा बननी चाहिए जो अब भी दहेज जैसी कुप्रथा को अपनाते हैं। अब वक्त आ गया है कि हर परिवार इस पवित्र सोच को अपनाए और बेटियों को बोझ नहीं, बल्कि गौरव समझे।
रायजादा परिवार का यह निर्णय इस बात का उदाहरण है कि बदलाव की शुरूआत अपने घर से की जा सकती है। अगर एक परिवार दहेज मुक्त पहल विवाह कर सकता है, तो पूरा समाज इस को अपना सकता है। अब लोग इस सामाजिक बुराई के खिलाफ खुलकर खड़े हों और दहेज को हमेशा के लिए खत्म करें।