जिस घर में माता-पिता का साया होता है उसे परिवार कहते हैं-मुनिश्री सुधाकर

Feb 08 2025

ग्वालियर। जिस घर में हम लोग और हमारे दो की संस्कृति पालती है उसे घर कहा जाता है। जिस घर में माता-पिता का साया होता है उसे परिवार कहते हैं। आत्मिक चिंतन का क्षण है कि व्यक्ति विचार करें कि मैं मकान, घर, परिवार में रहता हूं तो मेरी पहली इकाई मेरा परिवार है। अगर व्यक्ति के परिवार में प्रेम, प्यार, स्नेह और वात्सल्य है तो वह परिवार केवल परिवार नहीं होता उसे परिवार में सुबह होली, शाम को दशहरा और रात को दिवाली होती है। यह विचार श्वेतांबर तेरापंथ के मुनिश्री सुधाकर ने शनिवार को दौलतगंज घोरपड़े का बाड़ा में स्थित श्वेतांबर तेरापंथ भवन में धर्मसभा को संबोधित करते हुए कही। मंच पर मुनिश्री नरेश कुमार मा.स भी मौजूद थे।
मुनिश्री ने कहा कि जिस परिवार में झगड़े, टकराव, बैर ओर भाई-भाई में, सास बहू में पिता पुत्र में बोलचाल नहीं हो वहां परिवार जीतजगत नरक का अधियार है। जिस व्यक्ति के घर में प्रेम ना हो, एक दूसरे के सुख दुख के साथी ना हो, विश्वाश नहीं वह घर नहीं शमशान के बराबर है। यदि परिवार में सुख चाहते हो तो धर्म संस्कृति के साथ प्रेम का अमृत ओर दिलो में रिश्तों का अटूट बंधन होना बहुत जरूरी है। 
मुनिश्री सुधाकर ने कहा कि आज अधिकतर परिवार टूट रहे है और रिश्तो में दरार आ रही है। यदि परिवार में आनंदित, प्रसन्नता और प्रफुल्लित रहना है तो शांति की बहुत आवश्यकता है। अगर जीवन में सब कुछ हो मगर शांति नहीं  है तो सब कुछ बेकार है। जैसे भोजन में नमक नहीं, मंदिर में भगवान मूर्ति नहीं, अस्पताल में डॉक्टर नहीं हे तो उसी तरह हमारे जीवन में शांति नहीं हे तो हमारे जीवन सबकुछ बेकार है। घर की रसोई में पानी और आग कभी भी आमने-सामने नहीं होना चाहिए। घर में मकड़ी का जाल और आईने का टूटा कांच नहीं होना चाहिए। 
जैन समाज के प्रवक्ता सचिन जैन ने बताया कि प्रवचन से पहले कैंट के प्रदेश अध्यक्ष भूपेंद्र जैन, अनिल शाह और मुनिश्री का विहार करने वाली टीम आप ओर हम का दुपट्टे और माला से सम्मान किया।
जैन समाज के प्रवक्ता सचिन जैन ने बताया कि श्वेतांबर तेरापंथ के मुनिश्री सुधाकर एवं मुनिश्री नरेश कुमार महाराज संघ ने फूलबाग स्थित जैन तीर्थ गोपाचल पर्वत मंदिर के दर्शन किए। मुनिश्री ने गोपाचल पर्वत के दर्शन कर पंजाब के लिए पद विहार किया। रात्रि विश्राम 24 बीघा कालोनी विनय नगर पहुंचकर किया।