बजट को देश को आत्मनिर्भर बनाने वाला:सिंधिया

Feb 08 2025

ग्वालियर। शनिवार को केन्द्रीय संचार मंत्री ज्योतिरादित्य सिंधिया ने बजट और दिल्ली विधानसभा चुनाव पर चर्चा की। संसद में पेश किए गए आम बजट पर केन्द्रीय मंत्री सिंधिया ने बजट को देश को आत्मनिर्भर बनाने वाला और भारत को विश्वगुरु बनाने में नींव का पत्थर साबित होने वाला बताया है। उन्होंने कहा कि 2027 तक देश को विश्व की तीसरी बड़ी इकॉनामी बनाने के लक्ष्य की ओर भारत चल पड़ा है।
वहीं केंद्रीय मंत्री सिंधिया ने दिल्ली चुनाव परिणाम पर कहा कि मैंने दिल्ली से निकलने से पहले ही कह दिया था कि सिर्फ 12 घंटे इंतजार कीजिए भाजपा दिल्ली में स्पष्ट बहुमत ला रही है।
केन्द्रीय मंत्री सिंधिया ने बजट पर चर्चा करते हुए कहा कि भारत सरकार का यह बजट गरीब, अन्नदाता, महिलाओं और युवाओं पर केन्द्रित है। उन्होंने कहा कि विश्व की विकास की दर देखे तो पिछले साल ही विश्व की विकास दर 3.2 प्रतिशत थी और भारत की विकास दर 6.50 प्रतिशत थी। इस लिहाज से हम देखे तो भारत विश्व से सौ प्रतिशत अधिक की विकास दर के साथ आगे बढ रहा है।
उन्होंने कहा कि हमारे देश में यूपीए सरकार के समय तक बैंकों में एनपीए 11.3 प्रतिशत था। आज मोदी सरकार की आर्थिक नीतियों के कारण एनपीए घटकर 2.6 प्रतिशत पर आ गया है। 9 प्रतिशत की इसमें गिरावट जो देश की मजबूत आर्थिक प्रगति को दर्शाती है। उन्होंने कहा कि भारत का निर्यात 600 बिलियन डालर पहुंच चुका है। वहीं विदेशी मुद्रा की बात की जाए तो पहली बार भारत का विदेशी मुद्रा भण्डार 705 बिलियन डालर पहुंच चुका है। उन्होंने बताया कि देश में विदेशी निवेश में तेजी आई है।
सिंधिया ने कहा कि 2027 तक भारत विश्व की तीसरी बड़ी इकोनॉमी बनें इसके लिए प्रयास शुरू हो गए हैं। हम जापान और जर्मनी को पीछे छोडऩे के लिए तैयार है। 2028 तक हमें देश को 5 ट्रिलियन की इकोनॉमी वाला बनाना है। साथ ही साल 2030 तक 6 ट्रिलियन की इकोनॉमी बनाने की ओर हम चल पड़े हैं। यूरिया प्रोडक्शन के लिए तीन प्लांट लग गए हैं। वहीं देश लॉजिस्टिक के क्षेत्र में क्रांतिकारी कार्य करने के लिए तैयार है।
केन्द्रीय संचार मंत्री सिंधिया ने ब्रॉडबैंड की चर्चा करते हुए कहा कि हर पंचायत तक हम पहुंचेंगे। उन्होंने बजट में प्रस्तावित अन्य योजनाओं पर भी चर्चा करते हुए कहा कि देश में 50 पर्यटन साइट्स बनाई जाएंगी। बीमा के क्षेत्र में एफडीआई बढ़ाकर 100 प्रतिशत कर दिया है। उन्होंने कहा कि आयकर की सीमा 12 लाख तक किए जाने से मध्यमवर्ग को बड़ा लाभ हुआ है। अब मध्यम वर्गीय को 12 लाख तक की आय पर कोई टैक्स नहीं देना होगा।