पलक सिकरवार एवं आकाश शर्मा निराला सृजक सम्मान-2025 से सम्मानित

Feb 03 2025

ग्वालियर। मध्यभारतीय हिन्दी साहित्य सभा द्वारा संभागीय युवा साहित्य का सम्मेलन का आयोजन किया गया। कार्यक्रम चार सत्रों में हुआ। इसमें प्रियंका राजा ने काव्य पाठ करते हुए कहा, लगा धर्म धरा सम्मान दांव पर, जो सुख सुविधा मैं अपनाऊंगा, तो जीते जी राजपूती कुल पर गहरा दाग लगाऊंगा, चितौड़ किला सिर्फ किला नहीं बलिदानों की क्यारी है। योगेंद्र शुक्ला, शिवपुरी ने कहा- आत्मबोध होने पर हम समझ में विशिष्ट रूप से पहचाने जाते है, आत्मा का ज्ञान ही आत्मबोध है। कार्यक्रम में पलक सिकरवार एवं आकाश शर्मा को पुष्पहार, सम्मान पत्र, शॉल-श्रीफल देकर निराला सृजक सम्मान-2025 से सम्मानित किया गया। 
कार्यक्रम में अखिल भारतीय साहित्य परिषद के संगठन मंत्री श्रीधर पराडक़र ने कहा कि किसी घटना को यथावत लिख देना साहित्य नहीं है, बल्कि किसी बात पर संदेशात्मक शब्दों में प्रभावी, तार्किक, तथ्यात्मक ढंग की अनुभूति को शब्दों के माध्यम से दूसरे व्यक्तियों तक पहुंचाना ही साहित्य है।
इस अवसर पर दिनेश पाठक, उपेंद्र कस्तूरे, रामचरण रुचिर, डॉ मंदाकिनी शर्मा, सुरेंद्र तिवारी, सुनीता पाठक, रामलाल साहू बेकस, डॉ रवीद्रनाथ मिश्र, रवींद्र रवि, दीपक कौल, जान्हवी नाईक, शिवानी गोस्वामी आदि  उपस्थित रहे। कार्यक्रम का आभार प्रदर्शन डॉक्टर कुमार संजीव ने किया।