ऊर्जा मंत्री तोमर की पहल सम्पन्न हुआ संगीतमय सुन्दरकाण्ड पाठ

Feb 02 2025

ग्वालियर। ऊर्जा मंत्री प्रद्युम्न सिंह तोमर की पहल पर ग्वालियर शहर को स्वच्छ, प्रदूषण मुक्त, नशा मुक्त बनाने के संकल्प की पूर्ति के लिए आरंभ हुई संगीतमय रामधुन का एक माह पूर्ण होने पर जन कल्याण समिति ग्वालियर द्वारा संगीतमय सुन्दरकाण्ड पाठ का आयोजन  इंटक मैदान हजीरा पर सम्पन्न हुआ।  
इस अवसर पर ऊर्जा मंत्री प्रद्युम्न सिंह तोमर के अलावा भाजपा जिलाध्यक्ष जयप्रकाश राजौरिया,  वेदप्रकाश शर्मा, अशोक शर्मा, सभापति मनोज तोमर सहित भाजपा के अन्य पदाधिकारी, सामाजिक संगठनों के कार्यकर्ता उपस्थित रहे।
उल्लेखनीय है कि ऊर्जा मंत्री तोमर ने अपने ज्येष्ठ भ्राता देवेन्द्र सिंह तोमर का लंग्स इंफेक्शन के कारण निधन होने के बाद यह संकल्प लिया है कि उनके भाई जैसी स्थिति किसी अन्य परिवार में न हो इसके लिए वह ग्वालियर को स्वच्छ, हरा-भरा, प्रदूषण मुक्त और नशा मुक्त बनाने का अभियान चलाएंगे। उनके इसी अभियान के तहत बीते माह से प्रतिदिन शाम 7 बजे सीताराम सीताराम धुन का वाचन शुरु किया है। इस सीताराम धुन को एक माह पूर्ण होने पर ऊर्जा मंत्री ने संगीतमय सुन्दरकाण्ड पाठ का आयोजन इंटक मैदान हजीरा पर किया था। 
इस अवसर पर ऊर्जा मंत्री प्रद्युम्न सिंह तोमर ने सुन्दरकाण्ड पाठ में शामिल समस्त श्रद्धालुओं को एक-एक कैलेण्डर और डस्टबिन प्रदान करते हुए शपथ दिलाई कि आज से प्रतिदिन अपनी दैनिक दिनचर्या में से कुछ समय निकालकर ग्वालियर को स्वच्छ, हरा-भरा, प्रदूषण मुक्त और नशा मुक्त बनाने के अभियान के लिए खुद समय देंगे और अपने आसपास रहने वाले लोगों को भी इस अभियान से जुडऩे और साफ-सफाई रखने के लिए प्रेरितद करेंगे। 
ऊर्जा मंत्रीतोमर ने उपस्थित लोगों का आवाह्न किया कि वे एक अच्छे समाज का निर्माण करें। संविधान का जिक्र करते हुए उन्होंने कहा कि संविधान ने हमें अधिकार दिए हैं, इसके साथ ही हमें कुछ दायित्वों के निर्वहन की भी जिम्मेदारी दी है। हमारी जिम्मेदारी है कि हम अपने अधिकारों का सदुपयोग करें और अपने अधिकारों को सुनिश्चित करें।
ऊर्जा मंत्री श्री तोमर ने कहा टकराव तभी होता है, जब हम दूसरे के अधिकारों का हनन करते हैं, ऐसा करने पर दूसरे भी आपके अधिकारों पर हमला करते हैं। जैसे हम अपने परिवार के दायित्वों का निर्वहन करते हैं, वैसे ही हम अपने सामाजिक दायित्वों का निर्वहन करें। अपने घर परिवार बेटे बेटियों मित्र मंडली को संस्कारवान बनाएंगे, तभी हम संस्कारवान समाज का निर्माण कर सकेंगे। ऐसा करने से समाज में अच्छे और संस्कार वन लोगों बाहुल्य होगा और बुरे लोगों की संख्या स्वत कम होती जाएगी। एक समय ऐसा आएगा जब लोग संस्कारित होंगे और हमारे आने वाली पीढ़ी संस्कारवान बनेगी।