निगमायुक्त जी ये शहर है या गांव क्या हाल बना रखा है:मंत्री कैलाश विजयवर्गीय

Jan 21 2025

ग्वालियर। शहर में उड़ती धूल और सडक़ो के गहरे गड्डे बेशक निगमायुक्त सहित निगम के किसी भी अधिकारी को न दिखे, लेकिन शहर वासियों का दर्द प्रदेश के नगरीय निकाय मंत्री कैलाश विजयवर्गीय ने साफ तौर पर महसूस किया।
शहर के हालात इतने बुरे है कि ग्वालियर से जाते वक्त विजयाराजे सिंधिया एयरपोर्ट पर मंत्री कैलाश विजयवर्गीय से रहा नहीं गया, उन्होंने निगमायुक्त अमन वैष्णव को बुलाया और स्पष्ट शब्दों में कहा कि ये शहर का क्या हाल बना रखा है। ये शहर है या गांव? स्वच्छता सर्वेक्षण की टीम निरीक्षण के लिए आने वाली है, ऐसे कैसे काम चलेगा। इतना ही नहीं मंत्री विजयवर्गीय ने ये भी कहा कि अगर समझ नहीं आ रहा कि साफ सफाई और स्वच्छता कैसे की जाए तो इंदौर आइए, और दो दिन रूककर समझिए। मंत्री विजयवर्गीय की इस नाराजगी पर निगमायुक्त चुप्पी साधे रहें।
दरअसल प्रदेश के नगरीय निकाय मंत्री कैलाश विजयवर्गीय ग्वालियर प्रवास पर थे। इस दौरान वह कई कार्यक्रम में शामिल हुए और पार्टी के कई नेताओं के घर पंहुचकर मेल मुलाकात की। लिहाजा इस दौरान गाड़ी में बैठे मंत्री विजयवर्गीय को सडक़ों पर गड्डे और जहां तहां उड़ी धूल साफ नजर आई। बताया जाता है कि इसको उन्होने गाड़ी में बैठे पार्टी नेताओं से भी नाराजगी जताई। जबकि अपने कार्यक्रम से निपटकर वापस जाते वक्त मंत्री विजयवर्गीय ने निगम कमिश्नर को शहर की स्थिति का आईना खुद दिखाया। उन्होने यहां तक कहां कि अगर पैसे नहीं है तो प्रपोजल भेजिए।
मंत्री कैलाश विजयवर्गीय प्रदेश अध्यक्ष वीडी शर्मा के परिवार में आयोजित विवाह समारोह से पूर्व परिवार से मिलकर अपनी शुभकामनाएं दी। इसके बाद वह दाल बाजार स्थित अनुराग बंसल के निवासी पर पहुंचे और श्रद्धासुमन अर्पित किए। बसंत विहार स्थित राजेन्द्र सेठ के निवास पहुंचे। यहां कार्यकत्ताओं फूलमाला से स्वागत किया। भाजपा के पूर्व जिलाध्यक्ष देवेश शर्मा को ग्लोबल अस्पताल देखने पंहुचे और स्वास्थ्य लाभ की जानकारी ली।
नगरीय प्रशासन मंत्री कैलाश विजयवर्गीय ने अपने ग्वालियर प्रवास के दौरान महू में कांग्रेस द्वारा निकाली जा रही जय बापू भीम जय संविधान यात्रा को लेकर राहुल गांधी पर बड़ा बयान दिया। उन्होने कहा कि राहुल गांधी और उनके पूर्वजों ने कभी भी अंबेडकर साहब का सम्मान नहीं किया। नेहरू जी ने सबसे ज्यादा डॉ. अंबेडकर का तिरस्कार किया। इसलिए राहुल गांधी को कान पडक़र बाबा साहब के सामने उठक बैठक लगानी चाहिए और महू में क्षमा यात्रा निकालनी चाहिए।