सुपरिचित से बंधुत्व की भवना को उत्पन्न करता हैं राष्ट्रीय एकता शिविर:आशुतोष राणा

Dec 27 2024

ग्वालियर। राष्ट्रीय सेवा योजना के शिविर युवाओं में संस्कार की भावनाओं को उत्पन्न करते हैं। राष्ट्रीय एकता जैसे शिविर जिसमें 15 राज्यों के विभिन्न क्षेत्रों से आए स्वयंसेवक एक साथ रहना और खाना करते हैं। यह शिविर अपरिचित स्वयंसेवकों से सुपरिचित स्वयंसेवक से बंधुत्व की भवना को उत्पन्न करते हैं। यह बात फिल्मी अभिनेता आशुतोष राणा ने कही।
लक्ष्मीबाई राष्ट्रीय शारीरिक शिक्षण संस्थान के परिसर में यह शिविर संचालित हुआ। कार्यक्रम के मुख्य अतिथि फिल्म अभिनेता आशुतोष राणा, कुलगुरु प्रो. इंदु बोरा, राजकुमार वर्मा, प्रो. हरिशंकर कंसाना उपस्थित थे। कार्यक्रम का शुभारंभ अतिथियों के द्वारा माँ सरस्वती को माल्या अर्पण कर दीप प्रज्वलन के साथ किया गया। साथ ही एलएनआईपीई परिसर में तुलसी का पौधा रोपित किया गया।
आशुतोष राणा ने बताया कि इस प्रकार के शिविरों को ज्ञान तक ही सीमित नहीं किया जाएं बल्कि अनुभवों के आधार पर और आगे बडक़र माना जाएं। रासेयो शिविर को हमेशा चित लगाकर धरण करना चाहियें और श्रम की महत्वता का भाव उत्पन्न करना चाहियें। 
कुलगुरु प्रो. इंदु बोरा ने कहा कि इस प्रकार के राष्ट्रीय शिविर को अपने परिसर को लगाकर हम गौरवान्वित हैं और भविष्य में राष्ट्रीय सेवा योजना के लिए बहतर कार्य करने के लिए हम अपने-आप को धन्य मानेंगे। बौद्धक सत्र में डीएसपी यातायात अजित सिंह चौहान ने कहा कि सबसे ज्यादा सडक़ दुर्घटनाओं में युवा ही हैं। इस प्रकार के शिविरों में तरुणाई सबसे अधिक हैं, और वह अपने राज्यों में जाकर युवाओं के साथ मिलकर इस असमय दुर्घटनाओं को जागरूकता से रोक सकें।