महावीर जिनालय प्रयास के द्वारा पांच दिवसीय आध्यात्मिक संगोष्ठी महोत्सव कार्यकम हुआ शुभारंभ।

Dec 22 2024

चांदी के पालकी में निकले भगवान जिनेंद्र, ध्वजारोहणा के साथ आध्यात्मिक संगोष्ठी का हुआ शुभारंभ, विधान में चढ़ाए महाअर्घ्य। पंचपरमेष्ठी मंडल विधान में संगीतमय पूजन के साथ चढ़ाए महाअर्घ्य, भगवान जिनेंद्र की भक्ति में झूमे भक्त। ग्वालियर। नया बाजार गणेश कालोनी में स्थित श्री दिगंबर जैन महावीर जिनालय "प्रयास" के तत्वाधान में आज रविवार को माधव डिस्पेंसरी के सामने स्थित वीर जैन छात्रवास में 22 से 26 दिवसीय तक पांच दिवसीय आध्यात्मिक संगोष्ठी एवं पंच परमेष्ठी महामंडल विधान का भव्य आयोजन पंडित प्रद्युम्न कुमार जैन (मुजफ्फरनगर) के मंगल सानिध्य और विधानाचार्य पंडित सुनील धवल एवं पंडित अनिल धवल (भोपाल) के निर्देशन मे जैन ध्वजारोहण के साथ शुभारंभ किया गया। इस पहले भगवान जिनेंद्र की पालकी शोभायात्रा निकाली गई। जैन समाज के प्रवक्ता सचिन जैन ने बताया कि सुबह सर्वप्रथम श्री दिगंबर जैन महावीर जिनालय प्रयास से गाजे-बाजे के साथ ध्वज-पताका और चांदी की आकर्षक पालकी में भगवान जिनेंद्र को विराजित कर जयकारों के साथ पुरुषगण ने कंधे पर रखकर शोभायात्रा निकाली गई। भगवान जिनेंद्र के आगे भजनों पर श्रद्धालु चंवर डुलाते चल रहे थे। वही महिलाओं ने हाथों में मां जिनवाणी शास्त्र और अष्टमंगल के साथ भजन गति हुई चल रही थी। शोभायात्र नया बाजार से चलकर आयोजन स्थल जैन छात्रवास पहुंची। पांच दिवसीय महोत्सव का शुभारंभ ध्वजारोहण विकास जैनदिल्ली ने किया। संगोष्ठी सभागार का उ‌द्घाटनकर्ता वीरेन्द्र अभिषेक , डॉ. विवेक जैन परिवार, ओर मण्डप उद्घाटनकर्ता :पं.सुनील संचित जी जैन शास्त्री अहिंसा डायमंड) परिवार मुरार ने किया। आचार्य देव भगवान की भक्ति के माध्यम से एकत्व भिवक्त आत्मा दिखाते है -:प्रदुम्न जी। मुज़फ़्फ़र नगर से पधारे विव्दान पंडित प्रद्युम्न जी ने धर्मसभा को संबोधित करते कहा कि जैसे किसी शिक्षक के मन में राष्ट्र भक्ति हो तो अलग अलग माध्यम से वही समझाता है उसी प्रकार आचार्य देव भगवान की भक्ति के माध्यम से एकत्व भिवक्त आत्मा दिखाते है। जिनका व्यवहार परमार्थ की रुचि पूर्वक होता है वह व्यवहार को पूर्ण करता है जो अपने से जुड़ता है वह पंच परमेष्ठि से जुड़ता है और जो अपने से जुड़ना चाहता है वह पंच परमेष्ठि से जुड़े बिना रहता नहीं।मंगल सानिध्य विद्वान समागम आ.पं. श्री राजेन्द्र कुमार जी (जबलपुर) आ.पं. श्री डॉ. वीरसागर जी शास्त्री (दिल्ली) आ.पं. श्री निलेश जी शाह (मुम्बई) आ. ब्र. ममता दीदी (टीकमगढ़) विधानाचार्य आ.पं. श्री दीपक जी धवल (भोपाल) आदि स्थानीय विव्दानो समागम मिल रहा है। विधान में किया भगवान जिनेंद्र अभिषेक, पूजन के साथ चढ़ाए महाअर्घ्य, भक्ति झूमे भक्त। विधान अनुष्ठान के प्रतिष्ठाचार्य पंडित प्रद्युम्न कुमार जैन (मुजफ्फरनगर) के मंगल सानिध्य और विधानाचार्य पंडित सुनील धवल एवं पंडित अनिल धवल (भोपाल) के निर्देशन में मंत्रो की धुनि के साथ इंद्रगणों ने भक्तिमय कलशों से भगवान जिनेंद्र का जलभिषेक किया। वही पंच परमेष्ठी विधान के सज्जे मंडप पर विधान कर्ता संजय जैन गौरमी , वज्रसेन मनोज जैन, जिनेंद्र जैन, अजय जैन मुरार, मोहित जैन, चैतन्य जैन और श्रीमती त्रिशला जैन परिवार सहित जैन समाज के समाजजनों ने संगीतमय भक्ति के साथ अरिहंत सिद्ध प्रभु की महापूजन अर्चना के साथ भगवान जिनेंद्र के समक्ष महाअर्घ्य समर्पित करें। प्रतिदिन संगोष्ठी और विधान होगा आयोजित, शाम होगे सांस्कृतिक कार्यक्रम संस्थान के अध्यक्ष संजय जैन और कार्यक्रम के प्रचार संयोजक रवि जैन ने बताया की कार्यकम स्थल वीर जैन छात्रवास में 23 से 26 तक को सुबह जाप्य, भगवान जिनेंद्र का अभिषेक के साथ पंच परमेष्ठी विधान होगा। साथ ही 09 बजे से प्रवचन होगे। वही दोपहर में प्रवचन और शाम को संगीतमय भक्ति, प्रवचन ओर सांस्कृतिक कार्यकम होगे।