युवाओं ने जाना गोपाल मंदिर का इतिहास एवं मंदिर संरचना को

Dec 15 2024

ग्वालियर। आदित्यवाहिनी ग्वालियर शाखा द्वारा फूलबाग ग्वालियर स्थित गोपाल मंदिर के इतिहास एवं मंदिर निर्माण की शैली को जाना। गोपाल मंदिर के महंत द्वारा बताया गया कि मंदिर का निर्माण 1921 में कैलाशवासी माधवराव सिंधिया प्रथम ने करवाया था। एवं 100 करोड़ से अधिक मूल्य के श्रृंगार दान किया था। आज भी जन्माष्टमी पर गोपाल जी का श्रृंगार इन्हीं गहनों से होता है। यहां पर कोरोना काल से रसोई चल रही है जिसमें मंदिर की तरफ से प्रतिदिन श्रद्धालुओं को भोजन कराया जाता है। 
इस कार्यक्रम में उपस्थित निहंग सिख ने खालसा पंथ का परिचय दिया और बताया कि सिख के छठवें गुरु हरगोबिन्द सिंह ने गौ और संत की रक्षा के लिए निहंग सेना का गठन किया।
आदित्यवहिनी प्रमुख एड आलेख शर्मा ने मंदिर संरचना पर प्रकाश देते हुए समझाया कि मंदिर केवल संरचना नहीं बल्कि वस्तु पुरुष है। वास्तु शास्त्र वेदों पर आधारित भवन निर्माण का विज्ञान है। कल्प सूत्र में इसका विस्तृत वर्णन प्राप्त होता है। यह भवनों और संरचनाओं के निर्माण के लिए दिशा-निर्देश प्रदान करता है। वास्तु पुरुष की अवधारणा के अनुसार, मंदिर की संरचना एक मानव शरीर के समान होती है, जिसमें विभिन्न अंगों को विशिष्ट स्थानों पर रखा जाता है। 
कार्यक्रम में आदित्य वाहिनी के डॉ. वैभव शुक्ला, एड. राखी कुशवाह, जलज शर्मा, अंकित पाल, पवन बघेल, कुणाल वर्मा, तनुज तिवारी एवं अन्य युवाओं ने भाग लिया।