हरिकथा से समारोह का शुभारंभ, अगले पांच दिनों तक सुरों की बारिश

Dec 15 2024

ग्वालियर। संगीतधानी ग्वालियर की फिजा अगले पांच दिनों तक सुर, ताल व राग की बारिश में सराबोर रहेगी। भारतीय शास्त्रीय संगीत के क्षेत्र में देश के सर्वाधिक प्रतिष्ठित महोत्सव तानसेन संगीत समारोह का शुभारंभ रविवार को तानसेन के समाधि स्थल पर शहनाई वादन के साथ हुआ। इस अवसर पर शहर के संत ढोली बुआ महाराज की हरिकथा और मिलाद का आयोजन हुआ। 
15 दिसंबर तक आयोजित होने वाले इस तानसेन शताब्दी समारोह का औपचारिक शुभारंभ रविवार देर आज शाम महेश्वर किला की थीम पर बनें भव्य एवं आकर्षक मंच पर मुख्यमंत्री डॉ.मोहन यादव करेंगे। इसी मंच पर बैठकर देश और दुनिया के ब्रम्हनाद के शीर्षस्थ साधक संगीत सम्राट तानसेन को स्वरांजलि अर्पित करेंगे।
तानसेन के समाधि स्थल पर रविवार सुबह 10 बजे मजीद खां एवं उनके साथियों ने शहनाई वादन प्रस्तुत किया। वहीं ढोलीबुआ महाराज सच्चिदानंदनाथ की हरिकथा हुई। इस अवसर पर उन्होंने तानसेन रचित रचनाएं भी प्रस्तुत की। इसके बाद कामिल हजरत ने मीलाद सुनाई।
स्वपन चौधरी होंगे अलंकृत
अलंकरण समारोह का आयोजन 18 दिसम्बर को सायंकाल 6 बजे तानसेन समाधि परिसर में मुख्य समारोह के मंच पर आयोजित होगा। तबला वादक पं. स्वपन चौधरी कोलकाता को वर्ष 2023 के तानसेन सम्मान से विभूषित किया जायेगा। इसी तरह वर्ष 2023 के राजा मानसिंह तोमर सम्मान से सानंद न्यास इंदौर को अलंकृत किया जायेगा।