खुशी मनुष्य के जीवन का श्रृंगार है:बीके आत्मप्रकाश

Dec 11 2024

ग्वालियर। खुशी मनुष्य के जीवन का श्रृंगार है। खुशी के बिना जीवन को बेहतर नहीं बनाया जा सकता। इसलिए खुशी के लिए कहा गया है कि खुशी जैसी खुराक नहीं। इसलिए खुशी के लिए नहीं खुश होकर कार्य करें।
उक्त बात माउंट आबू से आए बीके आत्मप्रकाश भाई ने ध्यान साधना शिविर के समापन सत्र में कही। आत्मप्रकाश भाई का सत्र ब्रह्माकुमारीज के पुराने हाईकोर्ट लाईन स्थित संगम भवन केंद्र पर आयोजित हुआ, तो वहीं शाम का सत्र मोहना स्थित ब्रह्माकुमारीज के प्रभु मिलन भवन में आयोजित हुआ। भाई जी ने आगे कहा कि आज ज्यादातर लोग स्थूल साधनों में खुशी को तलाश रहे है। जबकि खुश रहना आत्मा का मूल गुण है। जब हम खुश होकर कार्य करते है तो हमें हर कार्य मे सफलता मिलती है। नित प्रतिदिन राजयोग का अभ्यास करने से हम अपनी खुशी के स्तर को बढ़ा सकते है।
इसके साथ ही उन्होंने कहा कि वर्तमान समय अत्यंत कल्याण कारी समय चल रहा है। जिसे पुरुषोत्तम संगम युग कहते है। यह युग कलयुग का और सतयुग के बीच का समय है। जो लोग इस समय को पहचानकर बुराईयों को छोड़ दिव्यगुण धारण करने का प्रयास करते है। उन्हें परमात्मा की मदद मिलती है। 
परमात्मा हमारी और आपकी तरह कभी जन्म मरण में नहीं आते है। वल्कि अवतरित होकर सृष्टि के नव निर्माण का कार्य करते है गीता में किये वायदे के अनुसार जब धर्म की अति ग्लानि होती तब परमात्मा इस धरा पर आते है और अधर्म अत्याचार का नाश कर एक सत्य धर्म की स्थापना करते है अर्थात इस कलयुगी दुनिया को सतयुगी दुनिया मे बदल देते है।
इस अवसर पर बीके आदर्श दीदी, बीके ज्योति दीदी, डॉ गुरचरण, बीके प्रहलाद सहित दोनों हो जगह बड़ी संख्या में लोग मौजूद थे।