ऊर्जा मंत्री के भाई देवेंद्र सिंह तोमर का निधन, ग्वालियर में हुआ अंतिम संस्कार

Dec 09 2024

ग्वालियर। परिषद के पूर्व नेता प्रतिपक्ष देवेंद्र सिंह तोमर ने छोटे भाई (प्रद्युम्न सिंह तोमर) से कहा था कि मुझे अस्पताल मत ले जाओ, मैं अब लौट कर घर नहीं आऊंगा। यही बात उनकी याद करते-करते ऊर्जा मंत्री फफक पड़े। पांच दिन पहले उनको ऊर्जा मंत्री से ग्वालियर के अपोलो हॉस्पिटल ले जाते वक्त यह आखिरी बातचीत हुई थी। 
बताया गया है कि उनके लंग्स में इंफेक्शन बढ़ता जा रहा था। हाल ही में उनको ग्वालियर के अपोलो हॉस्पिटल में भर्ती कराया गया था। जहां शनिवार रात से लगातार उनकी हालत बिगड़ती जा रही थी। रविवार को हालत ज्यादा बिगडऩे पर डॉक्टर ने उनको हैदराबाद के कृष्णा इंस्टीट्यूट ऑफ मेडिकल साइंस हॉस्पिटल में भर्ती करने के लिए कहा था। जिसके बाद तत्काल उनकी नाजुक हालत को देखते हुए ग्रीन कॉरिडोर बनाकर एयर एम्बुलेंस की जरिए हैदराबाद के लिए ले जाया गया था, लेकिन भोपाल में ही एयर एम्बुलेंस की इमरजेंसी लैंडिंग कराई गई थी। चिरायु हॉस्पिटल में देवेंद्र तोमर ने रविवार रात आखिरी सांस ली हैं
ऊर्जा मंत्री प्रधुम्न सिंह तोमर के बड़े भाई देवेंद्र सिंह तोमर पूर्व नगर निगम के नेता प्रतिपक्ष का गत रात भोपाल के एक अस्पताल में इलाज के दौरान निधन हो गया है। देवेंद्र सिंह तोमर का अंतिम संस्कार अंतिम संस्कार ग्वालियर में ही किया जाएगा। अंतिम यात्रा  सोमवार 9 दिसंबर को दोपहर 2 बजे उनके निज निवास न्यू कॉलोनी से प्रारंभ होगी। अंतिम यात्रा पुरानी छावनी के अटल द्वार से होते हुए साडा रोड पर जाएगी। उनकी अंतिम यात्रा में केंद्रीय मंत्री ज्योतिरादित्य सिंधिया, विधान सभ अध्यक्ष नरेन्द्र सिंह तोमर, पूर्व सासंद विवेक शेजवलकर सहित बीजेपी के तमाम बड़े नेता हुए शामिल हुए। 
देवेंद्र सिंह तोमर का निधन प्रदेश के राजनीतिक और सामाजिक क्षेत्र में एक बड़ा खालीपन छोड़ गया है। उनके परिवार, समर्थकों और समाज के लिए यह अत्यधिक दुखद समय है। वह लंबे समय से बीमार चल रहे थे और उनका इलाज ग्वालियर के अपोलो अस्पताल में चल रहा था। हाल ही में, उनकी स्थिति में सुधार की उम्मीद थी लेकिन अचानक उनकी तबीयत बिगड़ गई, जिसके बाद उन्हें एयर एम्बुलेंस से हैदराबाद ले जाया जा रहा था। हालाकि, भोपाल में डॉक्टरों की सलाह पर विमान की लैंडिंग कराई गई और उन्हें चिरायु अस्पताल में भर्ती कराया गया। 
देवेंद्र सिंह तोमर एक कुशल राजनेता, समाजसेवी और पूर्व नगर निगम के नेता प्रतिपक्ष थे। उन्होंने अपने जीवन में समाज और राजनीति के क्षेत्र में महत्वपूर्ण योगदान दिया। उनका निधन ग्वालियर और मध्य प्रदेश के लिए एक अपूरणीय क्षति है। देवेंद्र सिंह तोमर ग्वालियर नगर निगम में तीन बार पार्षद रह चुके थे। वह नगर निगम में नेता प्रतिपक्ष की जिम्मेदारी भी निभा चुके हैं। बताया जाता है कि मंत्री प्रद्युम्न सिंह तोमर के राजनीतिक गुरू उनके भाई देवेंद्र तोमर ही माने जाते थे।
देवेंद्र तोमर तीन भाईयों के परिवार में सबसे बड़े थे। सबसे बड़े खुद देवेंद्र दे, जबकि उनसे छोटे वर्तमान में ऊर्जा मंत्री प्रद्युम्न सिंह तोमर है, जबकि सबसे छोटा भाई बबलू उर्फ सतेन्द्र सिंह तोमर है। उनकी एक बेटी व बेटा है। बेटी जज है और बेटा रेस्टोरेंट का संचालन करता है।
तीन चार के पार्षद व निगम में नेता प्रतिपक्ष चुके देवेंद्र सिंह तोमर ने साल 2016 में कांग्रेस की प्राथमिक सदस्यता से इस्तीफा देकर सनसनी फैला दी थी। साल 2016 में तानसेन रोड स्थित अपार्टमेंट के बाहरी हिस्से में निगम द्वारा दुकानों की तोडफ़ोड़ पर विरोच और फिर अदालत में जमानत आवेदन न देने पर उनकी अपने छोटे भाई और उस समय पूर्व विधायक प्रद्युम्न सिंह तोमर (वर्तमान में ऊर्जा मंत्री) से तकरार हुई थी। इसके बाद पाटी को इस्तीफा भेज दिया।