डिजिटल अरेस्ट जैसा कानून में कोई प्रावधान नहीं:एसपी धर्मवीर

Dec 08 2024

ग्वालियर। साइबर अपराध से बचने का बेहतर एवं महत्वपूर्ण उपाय जागरूकता है। डिजिटल अरेस्ट जैसा कानून में कोई प्रावधान नहीं है। इसलिए डिजिटल अरेस्ट के झांसे में शहर के नागरिक न आएं। यह बात एसपी धर्मवीर सिंह ने चेम्बर भवन में साइबर अपराध एवं इससे जुड़ी चुनौतियों पर आयोजित बैठक में कही। 
एसपी धर्मवीर सिंह ने कहा कि किसी अनचाहे नंबर से आए वीडियो कॉल या लिंक को ओपन न करें। यदि आपको किसी अनचाहे नंबर से कोई वीडियो कॉल आता है और आपको वह संदिग्ध लगता है तो उसे तुरंत कट करें और उस नंबर को ब्लॉक करने के बाद नेशनल सायबर हेल्पलाइन नंबर 1930 पर शिकायत जरूर दर्ज कराएं। सायबर अपराध घटित हुआ हो या न हुआ हो शिकायत यदि आप करेंगे तो इससे उस अपराध की इंटेसिटी जांच एजेंसी को पता चलेगी। 
एसपी श्री सिंह ने कहा कि साइबर अपराधी द्वारा जिस नंबर से कॉल किया जाता है, उसको ट्रेस करना आसान नहीं होता है क्योंकि वह फेक नंबर होते हैं और डिजिटल अरेस्ट की घटनाओं में जो इंटरनेट यूज किया जाता है उनका सर्वर किसी अन्य देश का होता है। बैठक में पॉवर पॉइंट प्रेजेंटेशन के माध्यम से एएसपी अपराध आयुष गुप्ता ने साइबर क्राइम की घटनाओं के वीडियो एवं उससे बचने के उपाय विस्तार से बताए। 
बैठक के अंत में उपस्थित उद्यमियों की जिज्ञासाओं का समाधान भी पुलिस अधिकारियों ने किया। स्वागत भाषण चेम्बर अध्यक्ष डॉ. प्रवीण अग्रवाल ने दिया। संचालन मानसेवी सचिव दीपक अग्रवाल तथा आभार जगदीश मित्तल ने व्यक्त किया।