जीवन में सदा खुश रहने का आधार श्रेठ संकल्प: बीके आत्मप्रकाश

Dec 07 2024

ग्वालियर। जब हम किसी से अपने आप को कंपेयर करते या तुलना करते है तो कई वार दूसरों को श्रेठ और अपने को कनिष्ठ मान लेते है जिस कारण हमारे अंदर हीन भावना आ जाती है, जो हमारी क्षमताओं को घटा देती है। जबकि हर व्यक्ति अपने आप में विशेष है। अपनी विशेषताओं को देखते हुए उन्हें स्मृति में रखते हुए श्रेष्ठ संकल्प करो, साथ ही परमात्मा के द्वारा दिए हुए वरदानों को भी स्मृति में रखो अर्थात स्वमान में रहो, जैसे कि मैं एक महान आत्मा हूँ.... मैं एक दिव्य आत्मा हूँ... मेरा जन्म सबको सुख देने के लिए हुआ है.... मैं शक्तिशाली आत्मा हूँ.... मैं परमात्मा की सुंदर रचना हूँ.... आदि आदि तो यह श्रेठ संकल्प सबसे अच्छा उपाय है।
ब्रह्माकुमारीज संस्थान के अंतर्राष्ट्रीय मुख्यालय आबू पर्वत से पधारे राजयोगी बीके आत्मप्रकाश भाई ने माधौगंज स्थित प्रजापिता ब्रह्माकुमारीज ईश्वरीय विश्व विद्यालय के स्थानीय सेवाकेंद्र प्रभु उपहार भवन में राजयोग ध्यान साधना शिविर के उद्घाटन सत्र के दौरान उपस्थित श्रद्धालुओं को संबोधित करते हुए कही। उन्होंने आगे कहा कि आज वर्तमान समय को देखते हुए आध्यात्म को जीवन मे अपनाना मनुष्य की सबसे बढ़ी उपलब्धि है। आध्यात्मिकता को जीवन मे शामिल करने से कार्यक्षमता, कार्यकुशलता, कार्यदक्षता बढ़ती है और हमारी आंतरिक शक्तियां भी जाग्रत हो जाती है। 
कार्यक्रम में बीके आदर्श दीदी ने अपने विचार रखते हुए कहा कि जैसे हमारे शरीर मे श्वांसों का महत्व है ठीक उसी तरह से जीवन में मूल्यों का महत्व है इसलिए सभी को अपने जीवन में नैतिक, व्यवहारिक, सामाजिक एवं आध्यात्मिक मूल्यों को अपनाना चाहिए इससे हमारे जीवन में निखार आता है। कार्यक्रम मे सभी को राजयोग की गहन साधना का भी दिव्य अनुभव कराया गया।
इस अवसर पर ब्रह्माकुमारीज लश्कर केंद्र प्रभारी बीके आदर्श दीदी, बीके प्रहलाद, सब इंसपेक्टर अनिल तिवारी, गजेन्द्र अरोरा, राजेश चावला, अशोक पमनानी, प्रभुदयाल, नंदन सिंह रोतेला, जवाहर कुशवाह, संजय चौहान, पवन, सुरभि, महिमा, रोशनी, रतन चौहान, ब्रजेन्द्र राजपूत, दिनेश यादव, सुरेन्द्र बैस, दशरथ सिंह, सुमेर, पंकज, सुनील आदि उपस्थित थे।