श्रीधर पराडकर का सृजन दिशा बोध देता है- डॉ सुरेश सम्राट

Nov 30 2024

ग्वालियर। मध्य भारतीय हिन्दी साहित्य सभा ग्वालियर द्वारा आयोजित पाठक मंच कार्यक्रम में अखिल भारतीय साहित्य परिषद के राष्ट्रीय संगठन मंत्री श्रीधर पराडक़र द्वारा लिखित पुस्तक साहित्य का धर्म की समीक्षा संपन्न हुई। इस अवसर पर मंच पर अध्यक्ष के रूप में डॉ. पद्मा शर्मा, मुख्य अतिथि के रूप में डॉ. सुरेश सम्राट, वरिष्ठ समीक्षक के रूप डॉ.आशा वर्मा व कनिष्ठ समीक्षकों के रूप में युवा साहित्यकार पलक सिकरवार और युवा चिंतक जान्हवी नाईक उपस्थित रहीं। संचालन शुभम जायसवाल एवं आभार सुश्री व्याप्ति उमड़ेकर द्वारा किया गया।
मुख्य अतिथि डॉ सुरेश सम्राट ने साहित्य का धर्म पुस्तक को साहित्य जगत की महत्वपूर्ण उपलब्धि बताते हुये कहा आज साहित्यिक आयोजनों का मूल उद्देश्य स्वयं को स्थापित करना,स्वयं को प्रतिष्ठित करना भर रह गया है ऐसे समय मे श्रीधर पराडकर जैसे लेखक अपने सृजन के माध्यम से एक दिशा निर्देश करते हैं कि वास्तव में साहित्यकार को क्या और क्यों रचना चाहिए।
कार्यक्रम की अध्यक्षता कर रहीं डॉ. पद्मा शर्मा ने सोशल साइट की रैकिंग में उलझे साहित्यकारों की कृतियों के क्षणजीवी होने की बात कहने के साथ ही युवा साहित्यकारों की पीढ़ी को उन्नयन की ओर बढऩे के लिये अपनी वरिष्ठ पीढ़ी के साथ संवाद स्थापित करने के लिये आह्वान किया। उन्होंने पुस्तक को 21 वी सदी की गीता की संज्ञा देते हुये उसे सर्वाधिक उपयोगी एवं मार्ग दर्शन कराने वाला बताया। 
सुश्री जाह्नवी नाईक ने कहा पुस्तक के 18 अध्याय दिलाते है श्रीमद्भागवतगीता की स्मृति कुरुक्षेत्र की युद्धभूमि में जहां माधव ने पार्थ के संशय को दूर किया था वहीं इस पुस्तक में लेखक साहित्यकारों और विशेषकर युवाओं के संशय को छिन्न-भिन्न कर उनका मार्गदर्शन करते हैं।
सुश्री पलक सिकरवार ने पुस्तक साहित्य का धर्म के उद्देश्य को बताते हुए कहा कि-पुस्तक के माध्यम से लेखक वर्तमान साहित्य जगत में व्याप्त विषंगतियो से हमारा परिचय करवाकर उन्हें दूर करने हेतु हमारा मार्गदर्शन करते हैं। डॉ.आशा वर्मा ने पुस्तक के संदर्भ में अपनी बात रखते हुए कहा मानवीयता,मानव का धर्म है क्योंकि वह मानव को पशुओं से अलग करती है, उसी तरह सिफऱ् कविता लिख देना या काव्य पाठ कर देना ही साहित्य का धर्म नहीं है बल्कि आपके साहित्य ने समाज को क्या चेतना दी।
इस अवसर पर साहित्य सभा केे डॉ. मन्दाकिनी शर्मा, शिवानी गोस्वामी, शिवम सिंह सिसोदिया, विकास बघेल, गोविंद, गौरव, उदयवीर खटीक, प्रथम बघेल आदि उपस्थित रहे।