संविधान हमारी आत्मा है:धर्मेन्द्र शर्मा

Nov 26 2024

ग्वालियर। भारत का संविधान दुनियां का सबसे बडा संविधान है। जिसमें हम सबको बराबर का अधिकार दिया गया है। इसलिये इसे समानता अधिकार भी कहा गया है। यह बात एडवोकेट धर्मेन्द्र शर्मा ने कही। धर्मेन्द्र शर्मा ने कहा कि आज देश के प्रत्येक नागरिक को प्राप्त अधिकारों के साथ साथ अपने कर्तव्यों का भी पालन करना चाहिये। माधव महाविद्यालय के राजनीति विज्ञान विभाग द्वारा संविधान दिवस पर एक व्याख्यान का आयोजन किया गया। कार्यक्रम में मुख्य अतिथि धर्मेन्द्र शर्मा शा. अधिवक्ता जिला न्यायालय ग्वालियर विशिष्ट अतिथि प्रो. अमित बंसल कर सलाहकार, अध्यक्षता प्राचार्य डॉ. शिवकुमार शर्मा, विभागाध्यक्ष डॉ. नीलेन्द्र सिंह तोमर एवं डॉ. राजेश मिश्रा उपस्थित थे।
एडवोकेट धर्मेन्द्र शर्मा ने कहा कि आप हम संविधान के अमृत काल में प्रवेश कर रहे हैं। संविधान किसी भी राष्ट्र की आत्मा होती है। एक राष्ट्र के नागरिकों को अपने सम्पूर्ण विकास के लिए जो अधिकार या सुविधायें प्राप्त होती हैं हम सभी को संविधान के द्वारा हम सबको मिलती है। प्रो. बंसल ने कहा कि हमें अपने अधिकारों के साथ कर्तव्यों का भी बोध होना चाहिये क्योंकि बिना कर्तव्यों के हम अपने अधिकारों की बात नहीं कर सकते। यह सब हमें संविधान के द्वारा प्राप्त होता है।
अध्यक्षीय में प्राचार्य डॉ. शिवकुमार शर्मा ने कहा कि आज हम सब मिलकर इस राष्ट्र को फिर एक बार परम वैभव पर ले जाने के लिए कार्य कर रहे हैं। और यह लक्ष्य हम सभी के सामूहिक प्रयास से ही संभव है। कार्यक्रम का संचालन डॉ. राजेश मिश्रा एवं आभार डॉ. नीलेन्द्र सिंह तोमर ने व्यक्त किया।
कार्यक्रम में डॉ. मनोज अवस्थी, डॉ. संजय कुमार पाण्डेय, डॉ. सरिता दीक्षित, डॉ. विकास शुक्ला, डॉ. संतोष शर्मा, डॉ प्रशांत साहू, डॉ. संजय गुप्ता, डॉ. विजय पाण्डेय, डॉ. मंदाकिनी शर्मा, डॉ. रूपाली गोखले, डॉ. दीप्ति नारंग, डॉ. कौशलेन्द्र अवस्थी, डॉ. निवेदिता पांचाल, श्रीमती प्रेक्षा नाईक एवं बडी संख्या में छात्र/छात्रायें उपस्थित थे।