मनुष्य बुरे कर्मों से बचे: घनश्याम शास्त्री

Nov 26 2024

ग्वालियर। बहोड़ापुर स्थित 24 बीघा गालव नगर में आयोजित संगीतमय भागवत कथा में छठवें दिन की कथा के दौरान भागवताचार्य पं. घनश्याम शास्त्री महाराज ने बताया कि मनुष्य को हमेशा अच्छे कर्म करने चाहिए क्योंकि कर्म ही उसका असली धर्म होता है। अच्छे कर्म से व्यक्ति न केवल आत्मिक शांति पाता है बल्कि दूसरों के जीवन में भी सकारात्मक बदलाव ला सकता है। हमारे द्वारा किए गए अच्छे कार्य ही हमारी पहचान और वास्तविक संपत्ति होते हैं। 
महाराज श्री ने बताया कि आज का मानव, आधुनिक जीवनशैली और भौतिक सुख-सुविधाओं के पीछे भागते हुए, भगवान की पूजा और आध्यात्मिकता से दूर होता जा रहा है। लोग आज पूजा-पाठ को अंधविश्वास मानकर नजरअंदाज कर देते हैं।
महाराज जी ने कथा के दौरान कहा कि मानव को भगवान पर विश्वास रखना चाहिए क्योंकि यह विश्वास जीवन में धैर्य और सहनशक्ति देता है। भगवान में आस्था रखने से कठिनाइयों के समय में भी हिम्मत और साहस मिलता है। जब व्यक्ति भगवान पर विश्वास रखता है, तो वह जीवन की चुनौतियों को बेहतर तरीके से स्वीकार कर पाता है और सकारात्मक सोच के साथ आगे बढ़ता है। इसलिए, न केवल कर्म महत्वपूर्ण हैं बल्कि ईश्वर में आस्था भी जीवन को संतुलित और सार्थक बनाती है इस अवसर पर कथा परीक्षित वर्षा मनीष श्रीवास्तव ने आरती की।