जीएसटी कानून पर कार्यशाला में सीए विमल जैन दी जानकारियां

Nov 24 2024

ग्वालियर। चेंबर ऑफ कॉमर्स में आयोजित जीएसटी माफी योजना एवं जीएसटी कानून पर कार्यशाला में दिल्ली से आए मुख्य वक्ता सीए विमल जैन ने कहा कि 1 नवम्बर 2024 से एमनेस्टी स्कीम लागू हुई है, जिसमें आपको केवल टैक्स राशि पे करना है, इसमें आपको ब्याज और पेनल्टी नहीं देनी है। इसमें सेक्शन 73 के तहत नॉन फ्रॉड केस का कोई नोटिस आया है और इसका कोई आर्डर पास नहीं हुआ है, या पास हो गया है और आपने अपील की है या अपील भी खारिज हो गई है तो भी आपको केवल टैक्स की डिमांड राशि ही भुगतान करना है। 
इसमें तीन फायनेंशियल ईयर को कवर किया गया है-2017-18, 2018-19 एवं 2019-207 इसमें दो कैटेगरी और कवर की गई हैं-यदि डिपार्टमेंट ने सेक्शन 74 के तहत फ्रॉड केस में नोटिस दिया है तो अपीलेट अथॉरिटी ने यह कह दिया है कि यह फ्रॉड नहीं है तो आपको आर्डर दिनांक से 6 माह में केवल टैक्स राशि ही जमा करना है। इसके साथ ही डिपार्टमेंट ने अपील आपके फेवर में होने पर आगे अपील की है तो भी आपको ऑर्डर डेट से 3 माह में केवल राशि ही जमा करना है। 
यह योजना 31 मार्च 2025 तक के लिए ही है। आपने कहा कि जीएसटी में डिलेड पेमेंट ब्याज की दर 18 प्रतिशत है। सरकार द्बारा बैंक ब्याज दर को अफॉर्डेबल की बात की जा रही है लेकिन जीएसटी में ?याज की दर को घटाए जाने की जरूरत है। उन्होंने बताया कि डायरे?ट टै?स में 12 प्रतिशत की दर से लिया जाता है लेकिन अप्रत्यक्ष कर जीएसटी में 18 प्रतिशत ब्याज दर ली जा रही है। यह एमएसएमई के लिए बहुत परेशानी वाली है। 
जीएसटी में शॉ कोज नोटिस करदाताओं को तब मिलता है जब डिपार्टमेंट यह आरोप लगाता है कि आपको टैक्स जमा करना पड़ेगा, आपने पहले टैक्स जमा नहीं किया था या शॉर्ट जमा किया था या इनपुट टैक्स क्रेडिट गलत अवेल कर लिया या इनपुट टैक्स क्रेडिट गलत यूटिलाइज कर लिया है।