मनुष्य को सुख पाना है तो अच्छे कर्म करे तथा बुरे कर्मों से बचे-शास्त्री

Nov 24 2024

ग्वालियर। बहोड़ापुर स्थित 24 बीघा गालव नगर में आयोजित संगीतमय भागवत कथा में चौथे दिन की कथा के दौरान भागवताचार्य पंडित घनश्याम शास्त्री महाराज ने भक्तों को बताया कि मनुष्य को हमेशा अच्छे कर्म करने चाहिए, क्योंकि कर्म ही उसका असली धर्म होता है। अच्छे कर्म से व्यक्ति न केवल आत्मिक शांति पाता है बल्कि दूसरों के जीवन में भी सकारात्मक बदलाव ला सकता है। हमारे द्वारा किए गए अच्छे कार्य ही हमारी पहचान और वास्तविक संपत्ति होते हैं। 
पंडित घनश्याम शास्त्री ने बताया कि आज का मानव, आधुनिक जीवनशैली और भौतिक सुख-सुविधाओं के पीछे भागते हुए, भगवान की पूजा और आध्यात्मिकता से दूर होता जा रहा है। लोग  आज पूजा-पाठ को अंधविश्वास मानकर नजरअंदाज कर देते हैं। कथा के दौरान कहा कि मानव को भगवान पर विश्वास रखना चाहिए क्योंकि यह विश्वास जीवन में धैर्य और सहनशक्ति देता है। भगवान में आस्था रखने से कठिनाइयों के समय में भी हिम्मत और साहस मिलता है। 
जब व्यक्ति भगवान पर विश्वास रखता है, तो वह जीवन की चुनौतियों को बेहतर तरीके से स्वीकार कर पाता है और सकारात्मक सोच के साथ आगे बढ़ता है। इसलिए, न केवल कर्म महत्वपूर्ण हैं बल्कि ईश्वर में आस्था भी जीवन को संतुलित और सार्थक बनाती है।