तानसेन कलावीथिका में कल्पवृक्ष आर्ट गैलरी की कार्यशाला का शुभारंभ

Nov 23 2024

ग्वालियर। कलाकार जब कल्पना की उड़ान भर कैनवास पर इंद्रधनुषी रंग बिखेरता है तो जीवन के विविधिता साकार रूप लेती है। प्रो. डॉ वासंती जोशी की स्मृति मेें कल्पवृक्ष आर्ट गैलरी की तीन दिवसीय कार्यशाला के पहले दिन ही शनिवार को तानसेन कलावीथिका में कलानगरी ग्वालियर एवं पुणे महाराष्ट्र से आए कलाकारों के मिश्रित प्रयास से सफेद कैनवास रंगों से खिलखिला उठे।
पुणे से आई अस्मिता ने गहरे कत्थई रंग का प्रयोग कर एक कल्पवृक्ष की रचना की,जिसमें उन्होंने चीटिंयों को उस पर चढ़ते हुए दिखाकर बताया कि चीटिंया पूरे अनुशासन में पंक्तिबद्ध होकर पेड़ पर चढ़ती हैं और जब तक लक्ष्य को प्राप्त नहीं कर लेती हैं,तब तक रुकती नहीं हैं। 
ग्वालियर की वैष्णवी ने चटख लाल रंग से कूची को भिगोकर बलात्कार की वीभीषिका को दर्शाया, जिसमें उन्होंने यह दिखाने की कोशिश की कि बेटियों की सुरक्षा आज भी चुनौती बनी हुई है। चारों ओर बेटी की बोटी को नोचने के लिए भेडिय़े घूम रहे हैं, लेकिन पीले रंग से उन्होंने दिखाया कि बेटियों के भक्षकों की भीड़ में अच्छे लोग भी मौजूद हैं। रीतिका ने अपने चित्र के माध्यम से दिखाया कि हम पुरानी चीजों को छोड़ रहे हैं, यदि यह सिलसिला नहीं रुका तो हमारी विरासत हमसे दूर हो जाएगी। कैमिष्ट्री के स्टूडेंट्स दुष्यंत ने विज्ञान और तकनीक की उन्नति को कैनवास पर उकेरा। इसके साथ ग्वालियर लक्ष्मी शर्मा, पल्लवी शर्मा व पुणे के हरियोम, अस्मिता पगारे, शुभम गायकवाड, विवेक ने भी सुंदर काम किया।