मानव को जीवन भर भगवान को मनाने का प्रयास करना चाहिए - घनश्याम शास्त्री

Nov 21 2024

ग्वालियर। बहोड़ापुर स्थित 24 बीघा गालव नगर में आयोजित संगीतमय भागवत कथा में दूसरे दिन भागवताचार्य पंडित घनश्याम शास्त्री ने भक्तों को बताया कि मानव जीवन का प्रमुख उद्देश्य भगवान को प्रसन्न करने का प्रयास होना चाहिए। इसके लिए व्यक्ति को विनम्रता अपनानी चाहिए, क्योंकि विनम्रता से ही भगवान और संतों की कृपा प्राप्त होती है।
उन्होंने समझाया कि सच्चे सुख की प्राप्ति के लिए मानव को संतों की सेवा करनी चाहिए। संतों की सेवा करने से न केवल आत्मिक शांति मिलती है, बल्कि यह भगवान की कृपा प्राप्त करने का भी श्रेष्ठ मार्ग है। जब कोई व्यक्ति निस्वार्थ भाव से भगवान और संतों की सेवा करता है, तो उसे अंतत: मुक्ति की प्राप्ति होती है, जो जीवन का परम लक्ष्य है।
महाराज श्री ने भक्तों को यह भी स्मरण कराया कि भगवान की सेवा करना सबसे उच्चतम कर्म है, जो न केवल इस जीवन में बल्कि मोक्ष की प्राप्ति के लिए भी आवश्यक है।