एसडीओपी पटेल की पहल पर दो भाईयों की तीन साल की परेशानी एक घंटे में खत्म

Nov 21 2024

ग्वालियर। तीन साल से जमीन की शिकायत लेकर घूम रहे फौजी को पुलिस की सकारात्मक पहल समझौते वाले हनुमान मंदिर की पंचायत से मात्र एक घंटे में न्याय मिल गया।
घटना हस्तिनापुर थाना क्षेत्र की है। पुलिस ने फौजी की विवादित जमीन पर उसे कब्जा दिलाया, जबकि दूसरे पक्ष ने पुलिस की पहल का स्वागत किया। इसके बाद तीन साल से एक-दूसरे से बात नहीं कर रहे भाई भी एक साथ आ गए और हंसते हुए थाने से विदा हुए। 
हस्तिनापुर थाना क्षेत्र के सकतपुरा निवासी रविन्द्र बरेठा आर्मी जवान है और अभी उसकी ड्यूटी पश्चिम बंगाल के बीनागुढ़ी में है। उसका सकतपुरा में सडक़ किनारे करीब ढाई लाख रुपए कीमत का एक प्लॉट है, जिस पर तीन साल से भूरा और पुलंदर सिंह का कब्जा है। तीन साल से रविन्द्र इसकी शिकायत कर रहा है, लेकिन स्थिति जस की तस बनी हुई है। 
रविन्द्र काफी परेशान था और उसकी अब छुट्टी खत्म होने वाली थी, हर बार की तरह इस बार भी परेशानी का समाधान नहीं होने से वह काफी परेशान था और थाना हस्तिनापुर पहुंचा तो उसकी मुलाकात एसडीओपी संतोष पटेल से हुई और परेशानी बताई तो एसडीओपी ने एएसआई वीर सिंह को मामले का निराकरण कराने के निर्देश दिए। जिस पर वह रविन्द्र, बलवीर, भूरा और पुलंदर के साथ समझौते वाले हनुमान मंदिर पहुंचे और वहां पर पंचायत कराई तो एक घंटे के प्रयास के बाद दोनों पक्षों में सुलह हो गई और तय हुआ कि जमीन को दो हिस्सों में बांटा जाएगा और उसकी नोटरी के माध्यम से लिखा-पड़ी कराई जाएगी। 
इसके बाद जमीन का बंटवारा कर लिखापढ़ी कराई गई और एक हिस्से पर भूरा और पुलंदर का तथा दूसरे हिस्से पर रविन्द्र को कब्जा दिलाया गया। इस तरह तीन साल की परेशानी सकारात्मक पहल से मात्र एक घंटे में दूर हो गई। दोनों भाई भी आपस में गिले-शिकवे भूलकर गले लग गए। 
आपको बतादें कि बताया गया है कि रविन्द्र और उसके भाई बलवीर का एक संयुक्त प्लॉट सडक़ किनारे है, इसमें से अपने हिस्से का प्लॉट बलवीर ने पुलंदर और भूरा परिहार को बेच दिया था, लेकिन बंटाकन नहीं होने के कारण उन्होंने पूरे प्लॉट पर कब्जा कर लिया। इसके बाद से ही रविन्द्र मामले में शिकायत कर रहा था, लेकिन कहीं भी उसकी शिकायत पर सुनवाई नहीं हुई।