यशोदामैया ने गाय की पूंछ से उतारी थी कन्हैया की नजर: अंकित शास्त्री

Nov 13 2024

ग्वालियर। आजकल हम बच्चों की नजर उतारने के लिए तरह तरह के टोटके करते हैं, लेकिन यशौदा मैया ने कन्हैया की नजर गौशाला में ले जाकर गाय की पूंछ से उतारी थी। गाय की सेवा से बढक़र संसार में कुछ भी नहीं हैं। गोपाल ने भी गौसेवा कर समूचे संसार को गौसेवा का संदेश दिया। गौसेवा से घर में सदा बरकत रहती है। यह विचार पं अंकित शास्त्री ने करौली मैया के दरबार मेें कुंवर महाराज के सानिध्य में आयोजित रहो श्रीमद्भागवत कथा में व्यक्त किए। इस मौके पर महामंडलेश्वर कपिल मुनि महाराज ने गोवर्धन महाराज का पूजन कर उन्हें 56 भोग लगाए। कथा विश्राम के बाद रात्रि मेेंं रामलीला का सुंदर मंचन किया गया। 
पं अंकित शास्त्री ने कहा कि खुद को पिज्जा बर्गर खाते हैं और भगवान को चार इलायची का भोग लगाते हैं। भगवान आपके भोग का नहीं भाव का भूखा है। अगर भगवान को भोग लगाना चाहते हो तो वही भोग लगाएं जो भोजन आप स्वयं ग्रहण करते हो। मित्र के दुख को अपना समझे.... मित्र का दुख यदि राई के समान हो तो पहाड़ के समान समझे, क्योंकि भगवान के बाद सच्चा मित्र ही है जो हमारी दुख में मदद कर सकता है। उन्होंने कहा कि पहले जो सास होती थी वो बहु का सांस नहीं लेने देती थी, लेकिन अब बहु सास को सांस नहीं लेने देती है। सास-ससुर माता-पिता के समान होते हैं, उसी भाव से उनकी सेवा करें। 
भगवान के भक्त के प्रति भाव के बारे में बताते हुए उन्होंने कहा कि भगवान को पाने के लिए ऋषि मुनियों ने हजारों वर्ष तपस्या की, फिर भी सबको भगवान नहीं मिल पाए, लेकिन बृज की गोपियों ने थोड़ी सी छाछ और माखन के लिए कृष्ण कन्हैया को अपनी ऊंगलियों पर नचा डाला। इस मौके पर संत लक्ष्मीनारायण दास महाराज का विशेष सानिध्य रहा।