प्याज लहसुन औषधि, पर नहीं लगता भोग: शास्त्री

Nov 12 2024

ग्वालियर। प्याज लहसुन समुद्र मंथन के अमृत से उत्पन्न हुई, लेकिन राजा सुरभानु(राहू-केतु) की झूठन होने की वजह से उनका भगवान को भोग नहीं लगाया जाता है, लेकिन औषधि के रूप में इनके गुण अमृततुल्य हैं। सर्दी में लहसुन और लपट लगने पर प्याज अचूक दवा का काम करती है। यह विचार महलगांव स्थित करौली मैया मंदिर मेें आयोजित श्रीमद भागवत कथा में पं अंकित शास्त्री ने व्यक्त किए। इस मौके पर महामंडलेश्वर कपिल मुनि के सानिध्य मेें भगवान वामन एवं भगवान राम एवं श्रीकृष्ण का प्रकाट्य उत्सव मनाया गया। 
पं शास्त्री ने कहा कि जिस घर में ब्राह्मण देवता आते हैं, वह घर पवित्र हो जाता है, लेकिन जिस घर में ब्राह्मण नहीं आते हैं, वो घर श्मशान के समान हो जाता है। उन्होंने गुरू की महिमा का बखान करते हुए कहा कि गुरूकृपा के बगैर जीवन में कुछ हासिल नहीं होता है, इसलिए सदा गुरू के कृपापत्र बने रहें। 
महादानी राजा बलि का प्रसंग सुनाते हुए उन्होंने कहा कि राजा बलि जब वामन भगवान को दान करने लगे तो उन्हें बताया गया कि ये नारायण हैं, तुम्हारे पास कुछ नहीं बनेगा। तो उन्होंने कहा कि यह बावन हैं तो ले क्या लेंगे और भगवान हंै तो सब उन्हीं का है। 
उधर रात्रि में वृंदावन के कलाकारों द्वारा रामलीला का मनोहारी मंचन किया गया, साथ ही नवकुंडीय राममहायज्ञ में आहूतियां दी गईं। यज्ञशाला की परिक्रमा कर भक्त पुण्य अर्जित कर रहे हैं।