आदित्य वाहिनी ग्वालियर ने गोपाष्टमी पर गौ पूजन किया

Nov 09 2024

ग्वालियर। पुरी शंकराचार्य द्वारा स्थापित संगठन आदित्य वाहिनी ग्वालियर शाखा द्वारा गोपाष्टमी पर गंगादास की बड़ी शाला स्थित गौशाला पर महंत स्वामी रामसेवक दास महराज के मार्गदर्शन में शास्त्रीय विधि से गौ पूजन किया गया। महराज जी ने युवाओं को गौ सेवा में सदैव तत्पर रहने के लिए एवं गाय को कभी भी झूठा या बासी भोजन न देने के निर्देश दिए।
कार्यक्रम में एड. आलेख शर्मा एवं इजी. पुष्पेंद्र गुर्जर ने गोपाष्टमी के महत्व और कार्तिक शुक्ल प्रतिपदा से नवमी तक मनाएं जाए वाले गौ नवरात्र का एवं द्वापर युग में श्रीकृष्ण भगवान द्वारा प्रारंभ किया गया प्रथम सुरभि यज्ञ और गौ पूजन का महत्व बताया। 
दीपावाली के दिन लक्ष्मी माता के स्वरूप में आज भी भारत में गौ माता का पूजन किया जाता है। डॉ. वैभव शुक्ला ने इतिहास के पन्नों से गौ रक्षा के लिए निरंतर किए गए प्रयासों पर प्रकाश डाला, 1857 की क्रांति में गौ चर्बी वाले कारतूस उपयोग होने पर भारतीय सैनिकों द्वारा क्रांति की गई, इसके बाद निरंतर गौ रक्षा के साथ ही समय समय पर किए आंदोलन पर प्रकाश डाला। स्वतंत्र भारत में गौ रक्षा के लिए सबसे बड़ा आंदोलन 1966 में धर्मसम्राट करपात्री जी महराज के नेतृत्व में समस्त साधु संतों द्वारा गौ हत्या पर रोक लगाने के लिए किया गया। जिसमें तत्कालीन सरकार द्वारा सैकड़ों साधु संतों पर गोलियां चलवाई गई एवं 50 हजार गौ भक्त एवं साधु संतों को जेल में डाल दिया गया। इसके पश्चात भी भारत में निरंतर गौ रक्षा के लिए प्रयास किए जा रहे है। 
कार्यक्रम में रॉबिन वर्मा, हार्दिक कालाटे, संजना शर्मा, आस्था शर्मा, दीक्षा पांडे, नेहा उपाध्याय, अंकित पाल, पवन पाल, गौरव पाल, विष्णु पाल आदि उपस्थित रहे।