विशेष बनने के लिए दूसरों की कमियां न देख विशेषताएं देंखे- संतोष दीदी

Nov 06 2024

ग्वालियर। माधौगंज स्थित ब्रह्माकुमारीज प्रभु उपहार भवन में केंद्र प्रभारी बीके आदर्श दीदी ने सभी का स्वागत अभिनन्दन किया और सभी को ध्यान साधना शिविर के उद्देश्य से अवगत कराते हुए कहा कि इस तरह के ध्यान शिविर हमारे जीवन में उन्नति की सीढ़ी बनते है। यह हमारा सौभाग्य है कि संतोष दीदी  हमारे निमंत्रण पर इतनी दूर से हम सबके बीच पधारी है। अत: हम सबको इस अवसर का लाभ लेते हुए स्वयं को आपके अनुभवों से भरपूर करना है।
तत्पश्चात रशिया से पधारी राजयोगिनी बीके संतोष दीदी ने उपस्थित जनसमूह को संबोधित करते हुए राजयोग ध्यान के महत्व और इसके माध्यम से मानसिक शांति और आत्मिक सशक्तिकरण के तरीकों पर प्रकाश डाला।
उन्होंने कहा कि राजयोग ध्यान न केवल हमारे मन को शांति प्रदान करता है, बल्कि हमें जीवन की चुनौतियों का सामना करने की शक्ति भी देता है अत: राजयोग ध्यान साधना को अपने दैनिक जीवन में अवश्य शामिल करना चाहिए। उन्होंने कहा कि जब हम देह अभिमान में होते है तो हमारे जीवन में अनेकानेक समस्याएं आती है। लेकिन जब स्वयं के वास्विक स्वरुप आत्मा की स्मृति रखते है तो हम जीवन में ख़ुशी का अनुभव करते है तथा समस्याओं पर भी विजय प्राप्त कर सकते है। 
जीवन में ज्यादातर दु:खों का कारण मेरापन है। हम अनेक प्रकार भौतिक साधनों को अपना मानकर चलते है जबकि यह सब अस्थायी है। आपके पास जो कुछ भी है सब ईश्वर का दिया हुआ है इसलिए स्वयं को निम्मित मात्र समझने से दुखों को समाप्त कर सकते हैं। 
आत्मा ने इस संसार में अनेक बार जन्म लिया अनेक हिसाब किताब कि परते उस पर चढ़ी हुयी है इसकी बजह से जीवन में उतार चढाव आते है। लेकिन इनसे घबराना नहीं चाहिए परमात्मा की याद यह सब ठीक करने में हमें बहुत मदद करती है। जिस प्रकार से हीरा अगर मैला हो जाए तो उसे फेंका नहीं जाता अपितु उसे साफ कर पुन: इस्तेमाल किया जाता है। उन्होंने कहा कि परमात्मा ने इस धरा को स्वर्ग बनाया था। हम सबको मिलकर आपने जीवन से बुराइयों को त्याग कर दिव्यगुणों को धारण कर अपने जीवन को सुंदर और धरती को स्वर्ग बनाना है। और यह तभी संभव है जब हम स्व परिवर्तन करेंगे। कुछ एक रचनात्मक एक्टिविटी के साथ सत्र को पूरा किया। कार्यक्रम में सैकड़ों कि संख्या में श्रद्धालु शामिल हुए।