भगवान की लीलाएं अपरंपार है-पंडित देवेंद्र शास्त्री

Nov 05 2024

ग्वालियर। माहौर ग्वार्रे वैश्य समाज द्वारा आयोजित सेठ बुलाकी दास की बगिया रामजानकी मंदिर में श्रीमद् भागवत कथा मैं भागवताचार्य पंडित देवेंद्र शास्त्री महाराज ने श्रीमद्भागवत कथा के तीसरे दिन कहा कि भगवान की लीलाएं अपरंपार हैं। भागवत कथा का श्रवण करने से मन का शुद्धिकरण होता है। इसलिए व्यक्ति को समय निकालकर कथा श्रवण अवश्य करना चाहिए। बच्चों और युवाओं को संस्कारवान बनाकर कथा श्रवण के लिए प्रेरित करना चाहिए। 
कथा की सार्थकता तभी है जब इसे हम अपने जीवन में धारण कर निरंतर हरिस्मरण करते हुए जीवन को आनन्दमय और मंगलमय बनाकर आत्मकल्याण करे। कथा के दौरान सती चरित्र के प्रसंग को सुनाते हुए भगवान शिव की बात को नहीं मानने पर सती के पिता के घर जाने से अपमानित होने के कारण स्वयं को अग्नि में स्वाहा होना पड़ा आज की कथा में शिव पार्वती विवाह भक्त ध्रुव की कथा मैं बताया कि 5 वर्ष की आयु में ध्रुव महाराज ने भगवान नारायण के दर्शन किए और भगवान ने उन्हें 36000 वर्ष तक पृथ्वी का राजा बनने का वरदान दिया।
 नरसिंह भगवान का अवतार की कथा सुनाई अंखियों में कौवा और इंसानों में पंडित श्री देवेंद्र शास्त्री जी ने नारायण भक्त प्रहलाद की कथा सुनाई और हिरण्याकश्यप का उद्धार किया। श्रीमद् भागवत भगवान की सभी समाज बंधुओं ने भागवत भगवान की आरती की आरती के उपरांत प्रसादी वितरण किया गया।