सेंट्रल जेल में बहनों ने कैदी भाइयों को तिलक कर मनाई भाईदूज, जेल मैदान में लगाया टेंट
Nov 03 2024
ग्वालियर। पांच दिनों से मनाए जा रहे दीपावली पर्व का समापन रविवार को भाई दूज मनाने के साथ हुआ। इसे हर साल कार्तिक मास की शुक्ल पक्ष की द्वितीया तिथि को मनाया जाता है। सौभाग्य और शोभन योग के संयोग में बहनों ने अपने भाइयों के ललाट पर तिलक लगाकर भाई की सुख, समृद्धि की प्रार्थना की। भाईयों ने भी अपनी बहनों की रक्षा करने और सुख, दुख में हमेशा साथ देने का वचन दिया।
वहीं रविवार को बड़ी संख्या में सेन्ट्रल जेल पहुंची बहनों ने कैदी भाइयों को तिलक कर भाई दूज मनाई। जेल में ही बने लड्डू से बहन और भाइयों ने एक-दूसरे का मुंह मीठा कराया है। जेल प्रशासन ने बाहर से कोई भी मिठाई अंदर लाने की परमिशन नहीं दी थी है। जेल के अंदर खुले परिसर तक तीन जगह कड़ी चेकिंग की गई। बाहर से कोई सामान अंदर ले जाने की परमिशन भी नहीं दी गई है।
वहीं जेल में बंदी भाइयों को तिलक करने आई बहनों को किसी भी प्रकार की कोई परेशानी न हो इसके लिए खुली जेल मैदान में टेंट लगाकर भाईदूज की मुलाकात कराई गई।
सुबह करीब 9 बजे से बहनों का सेंट्रल जेल पहुंचने का सिलसिला शुरू हो गया था। केंद्रीय जेल पहुंची बहन अपने भाइयों के माथे पर तिलक कर उनके साथ बैठके उनका हाल-चाल भी जाना। लंबे अर्से बाद बहनों को देख भाइयों की आंखे झलक आईं। आसपास के जिलों के अलावा कई बहनें हरियाणा और सतना से भी पहुंची हैं। रविवार शाम 4 बजे तक हजार बहनों ने अपने कैदी भाइयों को तिलक किया।
सेंट्रल जेल में शाम 4 तक 8 से 10 हजार बहनों ने पहुंचकर अपने भाइयों के साथ भाई दूज मनाई। जेल में बंद भाइयों के माथे पर तिलक करते वक्त बहन-भाई दोनों के आंसू छलक आए। जेल में बने लड्डू से बहन और भाइयों ने एक-दूसरे का मुंह मीठा कराया है। जेल प्रशासन ने बाहर से कोई भी मिठाई अंदर ले जाने की परमिशन नहीं दी।
जेल में भाईदूज पर मिलने आने वाली महिलाओं को अपने साथ खानपान का सामान लाने जाने पर प्रतिबंधित किया गया था। जेल में सुबह से ही हजारों बहनों पहुंच कर अपने भाई को तिलक कर भाई भाई-बहन के इस त्योहार को मनाया। इस दौरान जेल में पुरुषों के प्रवेश पर पूरी तरह प्रतिबंध रहा।
भाइयों से मिलने आई बहनें जेल में किसी प्रकार की सामग्री अंदर नहीं ले जा सके इसके लिए तीन स्थानों पर चेकिंग व्यवस्था लगाई है। जेल में महिलाओं को प्रवेश देने से पहले उनके मोबाइल और पर्स बाहर जमा करवाए गए।
भाई दूज के मौके पर जेल में अपने भाई को तिलक करने हरियाणा से आई बहन सुशील शुक्ला का कहना है कि उनके भाई का सतना जेल से ग्वालियर जेल में बदली कर दिया था। वह अपने भाई से मिलकर बहुत खुश है। उन्होंने अपने भाई के साथ भाईदूज मनाई है। जेल प्रशासन ने भाई दूज पर अच्छी व्यवस्था की है, उन्हें कोई भी दिक्कत नहीं हुई है।
जेल में बंद अपनी बहन से मिलने आई बहन वैजयंती कुशवाह ने बताया कि वह भाई दूज के मौके पर जेल में बंद बहन से मिलने आई हैं, लेकिन वह अपनी बहन से खुले में नहीं मिल पाई है। उनका कहना है कि उनकी बहन को उनके पति के मर्डर के केस में झूठा फंसाया गया था। जिसके चलते हुए वह जेल में बंद है।
बंदियों के लिए बनी पूड़ी, सब्जी और खीर
जेल में सजा काट रहे बंदियों के लिए जेल प्रबंधन ने त्योहार में खाने की व्यवस्था की है। भाई दूज के त्योहार पर जेल में बंदियों के लिए पूड़ी, सब्जी के साथ ही खीर बनाई गई है। यह खाना जेल में बंद अन्य कैदियों ने बनाया है।
जेल अधीक्षक विनीत सरवईया ने बताया कि भाई दूज पर इस बार बहनों को तिलक करने के लिए जेल में आने की जेल मुख्यालय से अनुमति दी गई है। बहनें जेल आकर यहां पर सजा काट रहे अपने भाइयों को मंगल तिलक कर भाई दूज का पर्व बड़े ही खुशी के साथ मना रही हैं।
संपादक
Rajesh Jaiswal
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