पंच तत्वों से बना दीपक हमारी आलोकित आत्मा का प्रतीक है-डॉ. मंदाकिनी शर्मा

Oct 29 2024

ग्वालियर। मध्यभारतीय हिन्दी साहित्य सभा ग्वालियर द्वारा मासिक इंगित बालगोष्ठी का आयोजन किया गया। कार्यक्रम में आगामी त्योहार दीपावली के महत्व पर केंद्रित इस माह की बालगोष्ठी में बाल रचनाकारों ने पाँच दिवसीय दीपोत्सव पर सरहानीय निबन्धों का पाठ किया। परिधि जैसवाल ने अपने निबन्ध के माध्यम से पटाखे से रहित दीपावली मनाने के लाभ बताते हुए कहा कि पटाखे चलाने से पर्यावरण दूषित होता है इसलिये इस बार हम सभी यह प्रण ले कि पटाखा रहित दीपावली मनायेंगे। 
इसी क्रम में विकास बघेल, आद्या बंसल, नव्या बंसल, सृष्टि गोस्वामी, अभिषेक बघेल ने नरक चतुर्दशी, भाईदूज, धनतेरस इत्यादि के सम्बंध में पौराणिक कथानकों को बताते हुये इनके महत्व पर प्रकाश डाला। 
प्रियांशु कुशवाह ने माटी का दीया जलाने के वैज्ञानिक एव आध्यात्मिक कारणों को सबके सामने रखा उन्होंने कहा कि हमारा शरीर जिस प्रकार पाँच तत्वों से बना है। वैसे ही दीपावली के दीपक भी पाँच तत्वों से मिलकर बना है। जैसे दीया तेल, बाती और अग्नि के साथ मिलकर प्रकाश करता है वैसे ही हमें भी धर्म और संस्कृति के उचित ज्ञान के द्वारा अपने जीवन को प्रकाशित करना चाहिए। लक्ष्मी बघेल ने दीपावली सबसे न्यारी कविता का पाठ किया तो वहीं देव पाल ने स्वयं के अनुभवों को सबके साथ सांझा किया। उद्धबोधन सत्र के बाद गुब्बारा फटाका फोड़ कार्यक्रम का भी आयोजन हुआ जिसमें सभी ने विभिन्न पटाखों के नाम से सजे गुब्बारों को फोडक़र दीपावली का आनंद लिया।
कार्यक्रम में मुख्य अतिथि के रूप में सिद्धार्थ विद्यालय की समाज विज्ञान की अध्यापिका श्रीमती सन्ध्या बंसल उपस्थित रहीं। इस अवसर पर सिद्धार्थ विद्यालय, बूडन स्टॉक, लिटिल वंडर स्कूल, एसआर मेमोरियल स्कूल के विद्यार्थियों के साथ लविक जैसवाल, अंकुर चौरसिया, शिवानी गोस्वामी, विकास बघेल, विजय, प्रथम बघेल, दीक्षा शाक्य, शुभम कुमार जैसवाल इत्यादी की उपस्थिति रही। कार्यक्रम का संचालन व्याप्ति उमड़ेकर ने एवं आभार सभा मंत्री डॉ मन्दाकिनी शर्मा ने किया।