जेयू: युवा उत्सव में छात्राओं द्वारा बनाए गए पोस्टरों में दिखी विकसित भारत की झलक

Oct 24 2024

ग्वालियर। जीवाजी विश्वविद्यालय में तीन दिवसीय अन्तरकक्षा अध्ययनशाला युवा उत्सव के दूसरे दिन चार प्रतियोगिताओं का आयोजन किया गया। इसमें एकांकी, स्किट, मिमिक्री व पोस्टर मेकिंग प्रतियोगिताएं शामिल रही। कार्यक्रम में विवि के एसओएस के छात्र  छात्राओं ने भाग लिया। एकांकी में छात्रा साक्षी राजावत, सुमित झा, जतिन मिश्रा के दल ने कठपुतली की प्रस्तुति दी। 
इसमें उन्होंने बताया कि जब लडक़ी अपंग पैदा होती है तो उसको उसके परिजन झाडियों में फेंक देते हैं। फिर धर्मू उसको लेकर आता है और उसकी परवरिश करता है और डॉक्टर उसकी जो पहचान वाली होती है, वह उसका इलाज करती है तो वह उसको पहचान लेती है। फिर धर्मू जब उसके परिजनों को बुलाता है तो वह मना कर देता है कि यह मेरी बेटी नहीं है। लेकिन बाद में जब वह सही हो जाती है तो वह उसको ले जाने के लिए बोलते हैं, लेकिन धर्मू उसको मना कर देता है। उन्होंने समाज में बेटियों के साथ होने वाले दुव्र्यवहार को दिखाया साथ ही बेटी बचाओ का संदेश दिया। 
स्किट में जतिन मिश्रा के दल ने कॉलाज ऑफ ड्रामा के माध्यम से बताया कि क्लास में तरह-तरह के छात्र होते हैं। कोई मजाकिया होता है तो कोई गंभीर होता है तो वहीं टीचर  सख्त होते हैं। छात्रों ने खूब ठहाके लगाए। वहीं खुशी व साक्षी राजावत के दल ने हास्य नाटिका के माध्यम से संदेश दिया कि किस प्रकार लोग समाज में दहेज का आदान-प्रदान करते हैं।
सुमित झा ने मिमिक्री के माध्यम से खूब हंसाया। छात्रा एकता तोमर, प्रियांशी द्विवेदी, शिवांगी व साक्षी  द्वारा बनाए गए पोस्टर में विकसित भारत 2047 पर भारतीय परिवेश कैसा रहेगा, विकसित भारत का उद्देश्य, आजादी के 100वें वर्ष यानी 2047 तक भारत को एक विकसित राष्ट्र बनाना है। इस विजन में आर्थिक विकास, सामाजिक प्रगति, पर्यावरणीय स्थिरता और सुशासन सहित विकास के विभिन्न पहलु को चित्रित किया गया। 
इस अवसर पर अधिष्ठाता छात्र कल्याण प्रो. जेएन गौतम, विराट अनिरूद्ध, प्रो. चंद्रप्रताप सिंह सिकरवार सहित छात्र एवं छात्राएं उपस्थित रहे।