भारतीय संविधान और पारंपरिक ज्ञान पर दो दिवसीय कार्यशाला संपन्न

Oct 23 2024

ग्वालियर। माधव इंस्टीट्यूट ऑफ टेक्नोलॉजी एंड साइंस (एमआईटीएस) डीम्ड यूनिवर्सिटी के आईओटी केंद्र में भारतीय संविधान और पारंपरिक ज्ञान पर दो दिवसीय कार्यशाला संपन्न हुई। कार्यशाला का उद्देश्य छात्रों को भारतीय संविधान की संरचना और उसमें निहित तकनीकी पहलुओं से अवगत कराना था।
संस्थान के जनसंपर्क अधिकारी मुकेश मौर्य ने बताया कि इस कार्यक्रम की शुरुआत में गुरु गोविंद सिंह इंद्रप्रस्थ विश्वविद्यालय के प्रोफेसर डॉ. अनुज कुमार वाक्ष और डीम्ड यूनिवर्सिटी क्राइस्ट की सहायक प्रोफेसर डॉ. खुशबू मलिक जैसे विषय विशेषज्ञों का स्वागत किया गया। एमआईटीएस-डीयू ग्वालियर की ओर से सेंटर फॉर इंटरनेट ऑफ थिंग्स के समन्वयक डॉ. प्रवीण बंसल ने अतिथियों का स्वागत किया। 
सत्र के दौरान डॉ. अनुज कुमार ने भारतीय संविधान में दिए गए अधिकारों, कर्तव्यों और शासन प्रणाली पर चर्चा की, जबकि डॉ. खुशबू मलिक ने डिजिटल युग में पारंपरिक ज्ञान प्रणालियों, डिजिटल अधिकारों और जि़म्मेदारियों के बारे में छात्रों को जानकारी दी। इस कार्यशाला में छात्रों ने उत्साहपूर्वक भाग लिया। दोनों दिनों में एमआईटीएस के छात्र-छात्राओं, ओजस्विता दास, समर्थ शुक्ला, शिवांग चौधरी और प्रियंवदा बोंद्रिया ने मंच संचालन किया। इंजीनियरिंग छात्रों को भारतीय संविधान के तकनीकी और पारंपरिक आधार के प्रति जागरूक करना, उन्हें भविष्य के सशक्त युवा बनाने की दिशा में एक महत्वपूर्ण और सराहनीय प्रयास रहा।
कार्यक्रम का संचालन डॉ. भावना राठौर, डॉ. नमिता आर्य, डॉ. दिव्यांशु तिवारी, डॉ. आफताब अहमद, डॉ. प्रियंका गर्ग, डॉ. अंकित तिवारी, सहायक प्रोफेसर उत्कर्ष शर्मा और सहायक प्रोफेसर ऋचा शर्मा द्वारा किया गया।