निदा फाजली पर बनी डॉयूमेंट्री का प्रीमियर 9 नवंबर को बाल भवन में

Oct 23 2024

ग्वालियर। हर आदमी के होते हैं दस, बीस आदमी, जिसको भी देखना हो कई बार देखना। यह शेर आज भी पद्मश्री निदा फाजली की यादें ताजा कर देता है। संगीत की नगरी ग्वालियर में पैदा होकर देश, दुनिया में साहित्य के क्षेत्र में अहम मुकाम बनाने वाले शायर, गीतकार एवं लेखक निदा फाजली पर एक डॉयूमेंट्री तैयार की गई है। 
एक घंटे के इस जीवन वृत्त में निदा के जीवन के विभिन्न पहलुओं को दिखाने का प्रयास किया गया है। इसका प्रीमियर 9 नवंबर की शाम बाल भवन में किया जाएगा। फिल्म में शान, टॉम आल्टर, घनश्याम वासवानी, जैजिस शर्मा और पारुल मिश्रा ने स्वर दिए हैं। 
डॉयूमेंट्री के निर्माता अतुल गंगवार एवं डायरेटर अतुल पांडेय व फिल्मी गीतकार शान भी वीडियो क ॉन्फ्रेंसिंग से पत्रकारवार्ता में जुड़े। 
गीतकार शान ने बताया कि निदा सहाब जितने गंभीर लेखक थे, आम जीवन में वे उतने ही चुलबुले थे। वे मेरे पिता के बहुत अच्छे मित्र थे। उनके साथ जीवन की कई यादें आज भी जेहन में जस की तस बनी हुई हैं। उन्होंने बतया कि मेरे पांच अन रिलीज गीत निदा फाजली की डॉयूमेंट्री में सुनने को मिलेंगे, जो निदा फाजली ने ही लिखे थे। 
शान ने बताया कि निदा ने मेरे लिए अपने स्वभाव के विपरीत एक पॉप गीत भी लिखा था। रेखा गंगवार ने इसका संपादन किया है। सीपीएस तोमर ने संगीत दिया है।