शोरूम के मुनीम ने ही रची थी लूट की साजिश, घर से 1.18 लाख रुपए बरामद

Oct 22 2024

ग्वालियर। नाइक कंपनी शोरूम के मुनीम ने फर्जी लूट की साजिश रची थी, लेकिन वह अपनी ही रची कहानी में ऐसा उलझा कि पुलिस के तीन सवाल के बाद ही वह अपनी कहानी में फंस गया। व पुलिस ने चंद घंटों में पूरे मामले का खुलासा कर दिया। घटना पड़ाव थाना स्थित केन्द्रीय विद्यालय क्रमांक एक के पास की है। मुनीम ने 1.18 लाख रुपए बाइक सवार तीन बदमाशों द्वारा लूट की कहानी पुलिस को सुनाई थी।
 घटना बीते रोज की है, लेकिन पुलिस ने मंगलवार को मामला दर्ज कर खुलासा कर पुलिस ने उसके घर से 1.18 लाख रुपए बरामद कर उसके खिलाफ मामला दर्ज किया है। फिलहाल पुलिस उससे पूछताछ कर रही है।
पड़ाव थाना प्रभारी संतोष भदौरिया ने बताया कि कोटेश्वर मंदिर के पास रहने वाला आकाश जाटव नाइक कंपनी के शोरूम में मुनीम का काम करता है। गत रोज आकाश कंपनी के शोरूम से 1.18 लाख रुपए नगदी बैग में लेकर एचडीएफसी बैंक सिटी सेंटर ब्रांच में जमा करने निकला था।
उसके बाद वह पड़ाव थाना पहुंचा और उसने बताया कि मैं कंपनी के रुपए बैंक में जमा करने जा रहा था। तभी बस स्टैंड से कुछ आगे और केवी-1 स्कूल से पहले बाइक सवार तीन लडक़ों ने उस पर झपट्टा मारकर बैग छीन लिया, जिससे वह गिर पड़ा। जब उसने देखा तो बदमाश भाग गए। बैग में नाइक शोरूम ऑनर के 1.18 लाख रुपए और कुछ दस्तावेज रखे थे। लूट की खबर मिलते ही पुलिस मौके पर पहुंची और जांच पड़ताल शुरू कर दी।
जब पुलिस ने छानबीन की और बताए गए घटना स्थल के आसपास में लगे सीसीटीवी कैमरे खंगाले तो वहां कोई बाइक सवार ऐसे नजर नहीं आए। जिनके बारे में कथित फरियादी मुनीम आकाश जाटव ने बताया था। यहां पुलिस को संदेह हुआ कि यह लूट फर्जी है। इसके बाद पुलिस ने गहनता जांच शुरू की।
मुनीम आकाश ने पुलिस को बताया कि 11 बजे लूट हुई थी, लेकिन वह पुलिस के पास दोपहर 2 बजे पहुंचा। इस पर पुलिस ने पूछताछ की तो वह जवाब नहीं दे सका। तीन घंटे उसकी लोकेशन कथित स्पॉट से उसके घर तक थी। यह पहला सुराग था, जहां मुनीम फंस गया था।
वहीं आकाश ने पुलिस को बताया कि जब बदमाशों ने झपट्टा मारा तो वह 40 से 50 किलोमीटर प्रतिघंटे की रफ्तार में था और गिर गया था। लेकिन उसकी गाड़ी में कोई खरोंच नहीं थी और न ही उसे कहीं चोट लगी थी। पुलिस ने कहा जब गिरा था चोट क्यों नहीं लगी। इस पर फिर वह सिर झुकाकर खड़ा हो गया। आकाश ने पुलिस यह भी कहानी सुनाई थी कि गिरने के चलते उसका मोबाइल टूट गया था, इसलिए बंद हो गया था। पुलिस ने जब उसका मोबाइल चेक किया तो वह टूटा नहीं था, बल्कि उस पर लगातार मैसेज आ रहे थे। इस पर सवाल किया तो उसने फर्जी लूट की पूरी कहानी सुना दी।