गुरु चरणों में प्रीति से होता है शिष्य का उद्धार: विजय महाराज

Oct 19 2024

ग्वालियर। संत आशाराम बापू के शिष्य विजय महाराज ने सूरज सिकरवारके निवास पर आयोजित पाठ एवं सत्संग सत्र में आशा रामायण पाठ की पंक्ति मन में नाम तेरा रहे मुख पर रहे सु गीत। हमको इतना दीजिए रहे चरणों में प्रीत। की व्याख्या करते हुए समझाया कि सदगुरू से भाव में मांगता है आपके द्वारा दीछा में दिया हुआ ईश्वर का नाम हमेशा मेरे साथ रहे और वाणी से सदैव आपका गुणगान करता रहूं।
सदैव आपके चरणों में प्रीति बढ़ती ही जाए। बस यही पद्धति जीवन में साधक भक्त द्वारा अपना लेने से भव सागर से मुक्त होकर जीव से ब्रह्म भाव प्रगट कर लेता है। गृहस्थ जीवन में शरणागत होकर करुण भाव से ऐसी ही प्रार्थना करते रहना चाहिए। समापन पर मंगल आरती के पश्चात भारी संख्या में पधारे भक्तों ने भोजन प्रसादी ग्रहण की। 
सत्सग पाठ में शामिल होने वालों में अर्जुन भाई, सतराम भाई, विजय महाराज, बीपीएस सेंगर, राजेश भदौरिया, भगवान दास, सतपाल सिंह तोमर, ओपी बाथम, प्रधान सिंह भदौरिया, अर्चना सिकरवार इत्यादि रहे। ये जानकारी मीडिया प्रभारी बलबीर सिंह परमार ने प्रेस को दी।