जीवन में असर छोड़ती है संगत की रगंत-पं माधव

Oct 18 2024

ग्वालियर। माता कैकयी श्रीराम से प्राणों से ज्यादा प्रेम करती थीं, लेकिन मंथरा के बहकावे में आकर उन्होंने राम का वनवास कर दिया। जीवन में संगत की रंगत जरूर देखने को मिलती है, इसलिए ऐसी संगत कभी न करें, तो भगवान से दूर करा दे। यह विचार पं माधव शास्त्री ने माहेश्वरी भवन में आयोजित श्रीराम कथा के पांचवे दिन व्यक्त किए। इससे पूर्व गतरात्रि कथा स्थल पर शरदोत्सव मनाया गया, जिसमें बड़ी संख्या में महिलाओं ने डांडिया रास उत्सव में भाग लिया। खीर पकोड़ी का प्रसाद के साथ उत्सव का समापन हुआ।
डीडवाना ओली में पंचायत माहेश्वरी डीडवाना साथ द्वारा आयोजित रामकथा में मानस मर्मज्ञ पं माधव महाराज ने कहा कि जगत में मंथराएं बहुत हैं, जिनसे दूर रहने की जरूरत है,अन्यथा वे आपके परिवार मे विघटन कर परमात्मा से दूर कर देंगी। उन्होंने रामकथा का महत्व बताते हुए कहा कि गंगा में तो हम सांकल पकडक़र किनारे में ही नहाते हैं,लेकिन रामकथा ऐसी पावनी गंगा है, जिसमें जितना गहराई मेें डुबकी लगाते हैं, उतना ही राम के नजदीक पहुंचते जाते हैं। जहां कथा चरित्रों का गान होता है,वहां तीर्थ भी खुद चलकर आ जाते हैं, इसलिए जहां भी कथा हो, उसका पुण्य लाभ अवश्य लें। भगवान की याद आए तो उनका एकांत में बैठकर कीर्तन करेें,तो वे जरूर कृपा करेंगे। कलयुग में सिर्फ नाम की महिमा हैं ,इसलिए जो भी रामनाम का कीर्तन करता है भगवान उसे सहज ही मिल जाते हैं। उन्होंने बताया कि कलयुग की आयु 4 लाख 32 हजार वर्ष की है और अभी सिर्फ 5 हजार वर्ष निकले हैं, अर्थात कलयुग का यह प्रथम चरण हैं। 
गुरूदेव की महिमा का बखान करते हुए पं माधव ने कहा कि गुरूदेव की दृष्टि से ही परमात्मा के दर्शन होते हैं। तुलसीदास ने अयोध्यकंाड क ी अंतिम छंद में लिखा है कि भरत चरित्र नहीं होता तो उनका राम से साक्षात्कार नहीं हो पाता। भगवान संकेत देते हैं कि अब भजन की उम्र हो गई अब तो मन को भगवान में लगाओ, लेकिन हम समझते नहीं हैं,लेकिन जो समझ जाते हैं, उनका उद्धार हो जाता है। एक उम्र के बाद जीवन की डोर भगवान के हाथ सौंप देना चाहिए, क्योंकि वही सांसारिक के झझावतों से मुक्ति दिलाएगी। इस दौरान उन्होंने बाल्मीकी चरित्र, श्रीराम वगगमन और केवट प्रसंग की भी लीला का वर्णन किया। इस अवसर दामोदर शर्मा, सुदर्शन झंवर, चंद्रमोहन नागौरी, गोविंद पंसारी, अजय जाजू, प्रदीप जाजू सहित अनेक श्रद्धालु मौजूद रहे।