सीताराम का नाम दिलाता है मुक्ति-माधव

Oct 17 2024

ग्वालियर। सीता और राम अलग-अलग नहीं हैं, बल्कि सीताराम ही ब्रह्म हैं, जो सीताराम का भजन करता है, उसे सांसारिक कष्टों से मुक्ति मिल जाती है और उसका कल्याण हो जाता है। रामकृपा पाने के लिए सीता माता का कृपा पात्र होना जरूरी है। जिस पर माता जानकी की कृपा हो जाती है उस पर रामकृपा जरूर करते हैं। यह विचार पं माधव शास्त्री ने माहेश्वरी भवन में आयोजित रामकथा के चतुर्थ दिवस व्यक्त किए।
पं माधव शास्त्री ने श्रीराम के जनकपुरी में प्रवेश के प्रसंग का बहुत ही सुंदर वर्णन करते हुए कहा कि श्रीराम जैसे ही जनकपुरी में प्रवेश करते हैं वहां के नर-नारी उन्हें अपलक निहारते रह जाते हैं। माता सीता भी राम को देखती हैं,लेकिन किसी को पता नहीं चलने देती हैं और राम जब माता सीता के अद्भुत, आलौकिक एवं सुंदर रूप के दर्शन करते हैं तो उनके तो पसीने छूट जाते हैं। 
इस अवसर पर दामोदर शर्मा, सुदर्शन झंवर, चंद्रमोहन नागौरी, गोविंद पंसारी,अजय जाजू, प्रदीप जाजू सहित अनेक श्रद्धालु मौजूद रहे।