सरलता जीवन का आभूषण- पं माधव

Oct 16 2024

ग्वालियर। जब-जब संसार में धर्म की हानि होती है। जब अहंकारी अत्याचारी पृथ्वी पर बढ़ जाते हैं, तो ईश्वर धरा पर अवतार लेते हैं। सहजता जीववनका आभूषण होता है, जो जितना सरल होता है उतना ही प्रबल होता है। यह विचार पं माधव शास्त्री ने माहेश्वरी भवन डीडवाना ओली में आोयजित श्रीरामकथा के तृतीय दिवस रामजन्म की कथा का श्रवण कराते हुए व्यक्त किए। इस मौके पर उन्होंने बधाईयां बाजे मेरे आंगना भजन गाया तो श्रद्धालु विभोर होकर नाचने लगे। 
पंचायत माहेश्वरी डीडवाना साथ द्वारा आयोजित रामकथा में रामरस की वर्षा करते हुए पं माधव शास्त्री ने कहा कि जीवन में कैसा भी अंधेरा हो, ज्ञान का दीपक जलाएं रखें, जिससे आपका जीवन ज्ञान से प्रकाश से सदा प्रज्वलित होता रहेगा। जीवन में ज्ञान की लाइट और संयम का ब्रेक जरूरी है, तो अंधेरा हमारा कुछ नहीं बिगाड़ सकता है। रामजन्म के बारे में बताते हुए उन्होंने कहा कि जिसके जीवन में संतों का सानिध्य एवं हरिनाम होता है, उसके यहां सदा भगवान का प्रकाट्य होता है। उन्होंने बताया कि राम का जन्म खीर से हुआ। खीर में दूध कितना ही शुद्ध हो और चावल कितनी ही अच्छी किस्म के हों, लेकिन जब तक उसमें शक्कर नहीं डाली मिठास नहीं आती है, ऐसे में हम कितने ही ज्ञानी क्यों न हो, जब तक जीवन में भक्ति नहीं होगी, तब तक जीवन में आनंद की मिठास नहीं घुलेगी। भगवान के मातापिता प्रेम हैं, जो भक्ति से प्रकट होते हैं। 
जो राम चरित्र का गायन करता है, उसे हरिपद प्राप्त होता है। जो एक बार गृहस्थी के कुंए में गिरा, वो उसके बचने का उपाय सिर्फ हरिनाम हैं। उन्होंने दान का महत्व बताते हुए कहा कि दान अवश्य करें,लेकिन दान का दिखावा नहीं करें। उन्होंने कहा कि तन की सुंदरता मायने नहीं रखती, जिसका मन सुंदर है, वही सही मायने में सुंदर है। इस अवसर पर दामोदर शर्मा, सुदर्शन झंवर, चंद्रमोहन नागौरी, गोविंद पंसारी,अजय जाजू, प्रदीप जाजू सहित अनेक श्रद्धालु मौजूद रहे।