बापू आश्रम में सत्संग सत्र एवं पाठ हुआ

Oct 15 2024

ग्वालियर। संत आशाराम बापू के शिष्य विजय महाराज ने सत्संग सत्र एवं पाठ के दौरान बताया कि आशा रामायण पाठ जीवन जीने की दिशा प्रदान करता है। गुरु आज्ञा पालन करे अन्य भावना त्याग। पाठ की इस पंक्ति की व्याख्या करते हुए समझाया कि सदगुरू के बताए मार्ग का अनुसरण करते हुए अन्य भावना त्याग अत्यावश्यक है। तभी ईश्वर चरणों में अनन्य भाव होकर प्रीति हो जाती है जो संसार से बेड़ा पार करने में सहायक होती है। जब तक गुरु आज्ञा पालन के साथ-साथ अन्य जगह माने संसार के विषयों में चित्त आसक्त रहता है। तब तक जीव बंधन में बंधा रहता है। आवागमन से छुटने के लिए अन्य भावना का त्याग करना ही होगा। साथ ही भजन कीर्तन सत्संग की समाप्ति पर मंगल आरती कर प्रसाद वितरित किया गया। 
भजनानंदी साधकों में मीडिया प्रभारी बलबीर सिंह परमार, सीबी शर्मा प्रधान सिंह भदौरिया, भगवान दास, श्रीमती लाली सिंह, पुष्पा पाठक, लता भदौरिया, पुष्पा पाल, रेखा शर्मा आदि शामिल रहे।